'पिया बिना ससुराल', तलाक के बाद मातोश्री में क्यों रहती है ठाकरे खानदान की ये बहू?
BMC Election 2026 Results, Smita Thackeray: मुंबई पर 25 सालों से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना का कब्जा था, लेकिन इस बार बीजेपी गठबंधन ने इस पर अपना अधिकार जमा लिया है। निकाय चुनावों में जनता का प्यार और आशीर्वाद उसे ही मिला है, ये चुनाव उद्धव ठाकरे के लिए काफी अहम था और उन्हें लगता था कि वो 'मराठी-मानुष' मुद्दे से जनता के दिलों में जगह बना लेंगे और इसी के चलते उन्होंने वो कदम भी उठाया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी, जीं हां यहां जिक्र हो रहा है राज ठाकरे से पैचअप का।
20 साल बाद दोनों भाईयों के बीच की कड़वाहट कम हुई और दोनों ने एक मंच पर आकर जनता के बीच मुंबई, मराठी और मानुष का संदेश देने की कोशिश की लेकिन ये संदेश जनता को समझ नहीं आया और आज दोनों ब्रदर्स चुनावी संग्राम में फेल हो गए।

बीजेपी का कहना है कि ये गठबंधन मौसमी था और अब ये हार चुका है तो चुनाव के बाद फिर से टूट जाएगा। अब वो कितना सही साबित होते हैं, ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन आपको यहां पर ठाकरे खानदान के बारे में एक अनोखी बातें बताते है।
'मातोश्री' में रहती हैं स्मिता ठाकरे (BMC Election 2026 Results)
गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे की बड़ी भाभी स्मिता ठाकरे अपने तलाक के बाद भी 'मातोश्री' (ठाकरे के घर का नाम) में ही रहती हैं। हैरत हुई ना, लेकिन सच यही है। दरअसल इसके पीछे एक दर्दनाक कहानी है, आपको बता दें कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के तीन पुत्र थे। उनके बड़े बेटे का नाम बिंदु माधव था,जिनकी दुर्भाग्यवश एक हादसे में मौत हो गई थी।

जयदेव ठाकरे की दूसरी पत्नी हैं स्मिता ठाकरे
उनके मझले बेटे का नाम जयदेव ठाकरे था, जिनके विचार बाला साहेब से बिल्कल उलट थे इसी वजह से उनकी पिता से बनती नहीं थी। उन्होंने तीन शादियां की थी। उनका पहला विवाह जयश्री कालेकर से हुआ था लेकिन कुछ वक्त बाद उनका जयश्री को तलाक हो गया था, कहते हैं कि इसी तलाक के बाद बाला साहेब और बेटे के बीच गहरा तनाव था।
बाला साहेब ने बेटे को घर से निकाला (BMC Election 2026 Results)
जयदेव ने दूसरी शादी मुंबई में एक मध्यम वर्गीय परिवार में पली-बढ़ी स्मिता ठाकरे से की, ये प्रेम विवाह था लेकिन स्मिता ने जल्द ही अपने मधुर व्यवहार से पूरे परिवार का मन मोह लिया। इस शादी दोनों को दो बेटे भी हुए लेकिन जयदेव ने स्मिता ठाकरे को भी छोड़ने का फैसला ले लिया लेकिन इस बार बाला साहेब ने कहा कि 'ऐसा नहीं होने देंगे', लेकिन जब जयदेव ने उनकी एक ना सुनी, तो ठाकरे ने उन्हें अपने घर से निकाल दिया और बहू स्मिता को 'मातोश्री' में रहने का हक दे दिया।

स्मिता और पोतों को दिया संपत्ति में हिस्सा
बाल ठाकरे ने अपनी वसीयत से भी जयदेव को कुछ भी नहीं दिया बल्कि स्मिता और पोतों को संपत्ति में हिस्सा दिया। स्मिता से शादी टूटने के बाद जयदेव ने तीसरी शादी अनुराधा के साथ की लेकिन ठाकरे परिवार ने उन्हें कभी अपनाया नहीं।
'जयदेव मानसिक रूप से सही नहीं है'
साल 2012 में बाल ठाकरे के निधन के बाद जयदेव ने वसीयत में हिस्सा मांगा था और कोर्ट भी पहुंच गए थे, उन्होंने स्मिता पर गंभीर आरोप लगाए थे, कोर्ट में उद्धव ने कहा था कि 'जयदेव मानसिक रूप से सही नहीं इसलिए ऐसी बातें कर रहे हैं।'
बीजेपी और एकनाथ शिंदे के साथ स्मिता ठाकरे
हालांकि स्मिता ठाकरे मातोश्री में रहती जरूर हैं लेकिन अभी वो बीजेपी और एकनाथ शिंदे वाली सेना के साथ हैं। वो बेबाक और पेज 3 वाली वूमन के रूप में प्रचलित हैं। वो सोशल वर्कर के साथ ही मुक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं और हिंदी और मराठी फिल्म और टेलीविजन उद्योग सक्रिय हैं।












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