Bhagat Singh Koshyari Maharashtra Governor का पद छोड़ेंगे ! इस्तीफे की पेशकश की
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने इस्तीफा देने की पेशकश की है। गवर्नर कोश्यारी पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे की सरकार के साथ टकराव के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं।

महाराष्ट्र के राज्यपाल Bhagat Singh Koshyari ने इस्तीफा देने की पेशकश की है। गवर्नर कोश्यारी पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे की सरकार के साथ टकराव के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं। बता दें कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इससे पहले भी पद छोड़ने की बात कह चुके हैं। गौरतलब है कि उत्तराखंड से आने वाले भगत सिंह कोश्यारी पर केंद्र सरकार की शह पर राज्य सरकार को अस्थिर करने के आरोप लगे हैं।
पीएम को बताई इस्तीफे की इच्छा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि हाल ही में उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में पद छोड़ने की अपनी इच्छा से अवगत कराया था। दोनों की मुलाकात प्रधानमंत्री की मुंबई की यात्रा के दौरान हुई।
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महाराष्ट्र का गवर्नर होना सौभाग्य
सोमवार को महाराष्ट्र के राजभवन की तरफ से जारी बयान में कहा गया, राज्यपाल कोश्यारी ने कहा कि महाराष्ट्र जैसा महान राज्य जो संतों, समाज सुधारकों और बहादुर सेनानियों की भूमि रही है। इस राज्य सेवक या राज्यपाल के रूप में सेवा करना मेरे लिए पूर्ण सम्मान और सौभाग्य की बात थी। पिछले तीन साल से कुछ अधिक समय के दौरान महाराष्ट्र के लोगों से मिले प्यार और स्नेह को मैं कभी नहीं भूल सकता।
पीएम मोदी से मिला प्यार और स्नेह
गवर्नर कोश्यारी ने कहा, "प्रधानमंत्री की हालिया मुंबई यात्रा के दौरान, मैंने उन्हें सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त होने और अपना शेष जीवन पढ़ने, लिखने और अन्य गतिविधियों में बिताने की इच्छा से अवगत कराया है।" उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा प्रधानमंत्री से प्यार और स्नेह मिला है और मुझे इस संबंध में भी यही मिलने की उम्मीद है।"
सरकार बनने-गिरने में गवर्नर कोश्यारी की भूमिका
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भगत सिंह कोश्यारी का कार्यकाल कई विवादों से घिरा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार ने नवंबर 2019 में तड़के शपथ दिलाई थी। राज्यपाल के रूप में उनकी भूमिका पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए थे। कुछ महीने पहले एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद जब पूर्व CM उद्धव ठाकरे की अगुवाई महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार गिरी थी उस समय भी नई सरकार के गठन में कथित तत्परता दिखाने के लिए राज्यपाल कोश्यारी की भूमिका पर सवाल खड़े हुए थे।
बयानों के कारण विवाद में रहे गवर्नर कोश्यारी
इसके अलावा पिछले साल नवंबर में भी गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी विवादों में घिरे। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को 'पुराने दिनों' का प्रतीक बताने जैसी टिप्पणी की। कई राजनीतिक दलों ने इसकी तीखी आलोचना की। कोश्यारी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी जिक्र किया था। इस प्रकरण में महाराष्ट्र के राज्यपाल ने कहा, ''पहले जब आपसे पूछा जाता था कि आपका आदर्श कौन है ? इसका जवाब जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी हुआ करते थे। महाराष्ट्र में आपको कहीं और देखने की जरूरत नहीं है (क्योंकि) यहां बहुत सारे आइकन हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज पुराने समय के हैं, अब अंबेडकर और नितिन गडकरी हैं।












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