Badlapur case: नाबालिगों के वकील बोले- आरोपी अक्षय शिंदे की एनकाउंटर में मौत से 'न्याय की हत्या' हुई
Badlapur Akshay Shinde Encounter: महाराष्ट्र के बदलापुर स्कूल में चार साल की बच्ची के रेप केस मामले के आरोपी अक्षय शिंदे की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद एक नया विवाद शुरू हो गया है। बदलापुर रेप केस की पीडि़त नाबालिग बच्चियों के वकील आसिफ सरोदे ने कहा 'न्याय की हत्या' हुई।
बता दें 23 साल के अक्षय शिंदे जिस पर स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाली दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप था,उसी सोमवार शाम लगभग 6:15 बजे मुंब्रा बाईपास के पास पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई। अक्षय कुमार का पुलिस ने एनकाउंटर तब किया जब अक्षय कुमार को उसकी पूर्व पत्नी की शिकायत से जुड़े केस की जांच के लिए ले जाया जा रहा था तब उसने पुलिसकर्मी की बंदूक छीन ली थी।

जवाबी कार्रवाई में हुए अक्षय शिंदे की मौत
रिपोर्टों के अनुसार, शिंदे द्वारा एक सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) को गोली चलाने के बाद एस्कॉर्ट टीम के एक अन्य अधिकारी ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे आरोपी अक्षय शिंदे की मौत हो गई। उसे पास के अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
नाबालिग लड़कियों की ओर से केस लड़ रहे वकील सरोदे ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मामला ठाणे जिले में स्थानीय राजनीति और उस शैक्षणिक संस्थान के लिए असहज हो रहा था जहाँ शिंदे कार्यरत थे। उन्होंने सुझाव दिया कि संस्थान का एक राजनीतिक परिवार से संबंध स्थिति को जटिल बनाता है। सरोदे ने तर्क दिया कि इस तरह की घटनाएं कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्रणालियों में जनता के विश्वास को कम करती हैं।
जांच की मांग
सरोदे ने बम्बई उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करने की योजना की घोषणा की, जिसमें गोलीबारी की व्यापक जांच की मांग की गई। उन्होंने सवाल किया कि शिंदे कैसे प्रतिबंधित होने के बावजूद आग्नेयास्त्र तक पहुँच सकता है और उसे अनलॉक कर सकता है, यह घटना के पीछे संभावित राजनीतिक मकसद का संकेत देता है। सरोदे ने इस घटना को एक राजनीतिक हत्या के रूप में बताया, जिसका दावा गलत है।












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