Tiger and leopard Death : बाघ व तेंदुए का मिला शव, करंट लगने से मौत
वाल्मिकी टाईगर रिजर्व में बाघ व तेंदुए के शव मिले हैं। करंट लगने से उनकी मौत हुई है।

Mahrajganj News: एक तरफ जहां केन्द्र व प्रदेश सरकार जानवरों को कोई नुकसान न हो इसके लिए कई योजनाएं चला रही है। प्रोजेक्ट टाइगर के तहत बाघों को संरक्षित किया जा रहा है उनकी संख्या बढ़ायी जा रही है, ऐसे में बाघ व तेंदुए का शव मिलना कही न कही पशुओं का सौदा करने वालों की मजबूत स्थिति बयां कर रहा है। महराजगंज के सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के शिवपुर युनिट के बाल्मीकी टाइगर रिजर्व में तेंदुए का शव मिला है। इसके साथ ही इससे कुछ ही दूरी पर बाघ का भी शव मिला है। तेंदुए व बाघ का शव मिलना यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी जानवार यहां सुरक्षित नहीं है।
मुख्य वन संरक्षक डॉ निशा मणि ने बताया कि बाघ व तेेंदुए का शव मिला है। करंट लगने से मौत होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। बाघ के ऊपर बिजली का तार गया हुआ था। हालांकि बाघ के शव को मिट्टी से दबा दिया गया था। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, इसके बाद ही यह जाना जा सकेगा कि मौत के क्या कारण हैं।
बाघ, तेंदुआ सहित अन्य जानवरों को करंट न लगे इसके लिए संरक्षित क्षेत्रों से गुजरी बिजली लाइनों को कवर रखा जाता है। ऐसे में बाघ के ऊपर से तार का गुजरना प्रशासन की बड़ी लापरवाही बयां कर रहा है।
सरकार बाघों के संरक्षण के लिए कई योजनाएं चला रही है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है, जिसे वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के सक्षम प्रावधानों के तहत गठित किया गया है। इसके शक्तियों और कार्यों के अनुसार बाघ संरक्षण को मजबूत करने के लिए 2006 में संशोधित किया गया था।
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