महराजगंज से पहली बार अपनी राजनैतिक विरासत बचाने उतरीं दो बेटियां
महराजगंज। यूपी की महराजगंज लोकसभा सीट से पहली बार दो परिवार की बेटियां अपनी राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ाने और अपने वजूद को बनाने के लिए चुनावी मैदान में उतरी हैं। पूर्व मंत्री अमरमणि की पुत्री तनुश्री नवगठित पार्टी प्रसपा से तो दूसरी पूर्व सांसद स्व. हर्षवर्धन की पत्रकार पुत्री सुप्रिया सिंह श्रीनेत कांग्रेस से मैदान में हैं। यह पहला मौका है जब दो राजनीतिक घराने की बेटियां खुद को साबित करने और अपने परिवार की राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ने के लिए मैदान में उतरी हैं। बता दें, महराजगंज में 18, 57, 606 कुल मतदाता हैं, जिनमें 8,58,541 संख्या महिला मतदाताओं की है।

लोकसभा में मणि घराना
लोकसभा चुनाव में मणि घराने को देखें तो 2009 में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के छोटे भाई अजीतमणि मैदान में उतरे, उन्हें 1.6 लाख मत मिले। इस बार कांग्रेस के हर्षवर्धन 1.23 लाख वोट से चुनाव जीते। बसपा के गणेश शंकर पांडेय 1.81 लाख से दूसरे तो भाजपा के पंकज चौधरी 1.73 लाख मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। इस बार मणि घराने की बड़ी बेटी तनुश्री मैदान में हैं।

लोकसभा में पूर्व सांसद हर्षवर्धन
पूर्व सांसद स्व. हर्षवर्धन का लोकसभा की राजनीति में प्रवेश 1989 में हुआ। जनता दल के टिकट पर वह चुनाव लड़े और निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के जितेंद्र सिंह को 14, 990 मतों से मात देकर सांसद बने। इसके बाद 2009 में उन्होंने 1.23 लाख मतों से बाजी मारी। 2014 में भी कांग्रेस ने उनपर भरोसा जताया। इस बार उन्हें 57 हजार वोट ही मिले। हर्षवर्धन के निधन के बाद कांग्रेस ने उनकी बेटी सुप्रिया पर भरोसा जताया है।

क्या कहती हैं दोनों महिला प्रत्याशी
प्रसपा प्रत्याशी तनुश्री त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) से ही लड़ूंगी। परिवार से यहां के लोगों का खास लगाव है। पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के साथ ही महिलाओं के हितों के लिए चुनाव मैदान में हूं। वहीं, कांग्रेसी प्रत्याशी सुप्रिया सिंह श्रीनेत ने कहा कि मेरे परिवार की राजनीति संघर्षों की रही है। पिता स्व. हर्षवर्धन के व्यक्तित्व को पूरा जिला जानता है। आज मुद्दा विकास, बेरोजगारी, किसानों की परेशानी, गन्ना मूल्य भुगतान और बंद चीनी मिल है। इन्हीं मुद्दों के साथ चुनाव में हूं।












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