पति दिनभर लाइन में खड़ा होने के बावजूद ना ला सका दवाई, बीमार पत्नी ने दे दी जान
लगातार दर्द बढ़ने और किसी तरह भी नए नोट का इंतजाम ना होने से थी आहत।
मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के मुरैना में एक बीमार पत्नी ने अपनी बीमारी से होकर परेशान दान दे दी क्योंकि पुराने नोट से वो दवाई ना खरीद सकी और बैंक की लाइन में दिनभर खड़े रहने के बावजूद उसका पति नए नोट नहीं बदल पाया।

8 नवंबर को पीएम मोदी के 1000 और 500 के नोट पर पाबंदी के बाद प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर इस फैसले की जद में आकर लगातार जानें जा रही हैं। मध्य प्रदेश के मुरैना की 32 साल की रेखा जांवर ने भी नोट बैन के कारण खुदकुशी कर लेने की खबर है।
माता बासिया पुलिस स्टेशन में रेखा के पति की दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 32 साल की रेखा जांवर जोड़ों के दर्द की परेशानी से जूझ रही थी। 8 नवंबर को नोट बैन होने के बाद अगले ही दिन उसकी दवाई खत्म हो गई।
रेखा का पति दवाई लेने के लिए कई मैडिकल स्टोर पर गया लेकिन उसके पास 500 के नोट होने के कारण मेडिकल स्टोर मालिकों ने उनको लेने से मना कर दिया। इसके बाद रेखा का पति नोट बदलने के लिए बैंक गया लेकिन लाइन बहुत लंबी होने के चलते वो पैसा बदलने में नाकामयाब रहा।
दवा ना मिलने से लगातार बढ़ता रहा रेखा का दर्द
रेखा को दवाई ना मिलने के कारण उसके जोड़ों का दर्द बढ़ गया दूसरी तरफ वो दवाई ना मिलने और पति को भी परेशान देख तनाव में आ गई। रेखा लगातार अपनी बीमारी से जूझ रही थी, इससे तंग आकर उसने खुदकुशी कर ली।
सोमवार को रेखा के पति ने पुलिस में इस बाबत रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्च दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वो मामले की जांच के बाद ही कुछ कहेंगे।
वहीं ग्वालियार में एक इंजीनियर पीके गौतम ने एक हॉस्पिटल की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुताबिक अस्पताल ने इलाज के लिए 500 और 1000 के नोट लेने से इंकार कर दिया। इस बाबत उन्होंने पुलिस के सीनियर अफसरों को भी लिखा है।
आपको बता दें कि 8 नवंबर को पीएम मोदी ने 1000 और 500 के नोटों पर पाबंदी लगा देने की घोषणा की थी, जिसके बाद देशभर में कैश की भारी कमी होने के चलते मारा-मारी है। देशभर से नोट बंदी के प्रभाव से मौत की खबरें आ रही हैं, वहीं कई जगह बैंकों में भी छिटपुट हिंसा की खबरे हैं।












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