उज्जैन में हेलिकॉप्टर से बारात: दूल्हे के पिता ने खर्च किए 11 लाख रुपये, ग्रामीणों के लिए बनी आकर्षण
शादी का दिन हर किसी के जीवन का खास दिन होता है, लेकिन उज्जैन के जगदीश माली ने इस दिन को और भी अनोखा बना दिया। जगदीश माली, जो इलेक्ट्रिक बाइंडिंग का काम करते हैं, ने अपने छोटे बेटे ऋतिक माली की शादी को खास बनाने के लिए एक ऐसी पहल की, जिसे देख लोग हैरान रह गए।
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उन्होंने अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए बेटे की बारात को हेलिकॉप्टर से भेजने का फैसला किया। यह अनोखी शादी महिदपुर में हुई, जहां हेलिकॉप्टर के जरिए दूल्हे को दुल्हन के घर तक पहुंचाने का तरीका ही आकर्षण का केंद्र बन गया।

दूल्हे की इच्छा और अनोखा फैसला
ऋतिक माली की शादी महिदपुर के पास भीमखेड़ा में रहने वाली आशा गुंदिया से हुई। जब दूल्हे ने अपने पिता से शादी में कुछ अलग करने की इच्छा जाहिर की, तो जगदीश माली ने इसे पूरी तरह से अपनाया। उन्होंने हेलिकॉप्टर से बारात ले जाने का विचार किया। यह विचार सिर्फ एक ख्वाब नहीं था, बल्कि जगदीश माली ने इसे साकार करने के लिए पूरी मेहनत की और विभिन्न विभागों से परमिशन लेने के बाद यह योजना लागू की।
हेलिकॉप्टर से यात्रा
बारात का यह सफर काफी खास था। 4 बजे शाम को हेलिकॉप्टर उज्जैन से उड़ान भरकर महिदपुर की ओर रवाना हुआ। दूल्हे के माता-पिता, बहन-जीजाजी भी हेलिकॉप्टर में दूल्हे के साथ थे। हेलिकॉप्टर ने महिदपुर तक पहुँचने में सिर्फ 15 मिनट का समय लिया। इस दौरान बारातियों के लिए 2 बसों और 50 कारों का इंतजाम किया गया था, जिससे बाकि बाराती महिदपुर पहुंचे।

महिदपुर में हेलिकॉप्टर के आगमन ने वहां के ग्रामीणों के बीच हलचल मचा दी। लोग बड़े उत्साह के साथ हेलिकॉप्टर देखने के लिए इकट्ठा हो गए। यह नजारा उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था। खास बात यह रही कि हेलिकॉप्टर से दूल्हे का आगमन महिदपुर के लिए कुछ नया था, और इसने शादी को एक नया रंग दे दिया।
खर्च और व्यवस्थाएं
इस अनोखी शादी के आयोजन के लिए दूल्हे के पिता ने 11 लाख रुपये खर्च किए। हेलिकॉप्टर की बुकिंग, इवेंट कंपनी की सेवाएं, और आवश्यक परमिशन प्राप्त करने के लिए दूल्हे के पिता ने करीब एक महीने तक विभिन्न विभागों से संपर्क किया। उन्हें अहमदाबाद की इवेंट कंपनी एयरोट्रांस से हेलिकॉप्टर की व्यवस्था करने में मदद मिली, और उसके बाद दिल्ली और अहमदाबाद से परमिशन ली गई।
जगदीश माली ने इस बारे में बताते हुए कहा कि यह सब उनके बेटे ऋतिक की इच्छा थी। ऋतिक ने शादी में कुछ अलग करने की इच्छा जताई थी, और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि यह इच्छा पूरी हो। इसके लिए उन्होंने मेहनत और समय दोनों को खर्च किया ताकि यह खास दिन और भी यादगार बन सके।

महिदपुर में ग्रामीणों की उत्सुकता
महिदपुर में जहां यह शादी हो रही थी, वहां के ग्रामीणों का उत्साह भी देखते ही बनता था। जब हेलिकॉप्टर वहां पहुंचा, तो एक साथ बहुत सारे लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने न केवल हेलिकॉप्टर का नजारा लिया, बल्कि दूल्हे का स्वागत भी किया। हेलिकॉप्टर से दूल्हे का स्वागत महिदपुर में एक नया अनुभव था, जो सभी के लिए एक विशेष याद बन गया।
इस अनोखी शादी ने एक नई मिसाल पेश की है, जहां शादी के पारंपरिक तरीके को छोड़कर कुछ अलग करने की सोच को बढ़ावा मिला है। दूल्हे के पिता ने अपनी मेहनत, संसाधनों और वित्तीय योगदान से यह साबित कर दिया कि यदि कुछ करना चाहो, तो कुछ भी असंभव नहीं है। यह शादी न केवल एक खास अवसर बन गई, बल्कि इसने हमें यह सिखाया कि कुछ नया करने का साहस और इच्छाशक्ति होनी चाहिए, और फिर हर सपना सच हो सकता है।












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