शिवपुरी में अंबेडकर को श्रीराम पर हमला करते दिखाने वाला VIDEO वायरल, बजरंग दल की शिकायत पर FIR
MP News: शिवपुरी, मध्य प्रदेश में एक विवादास्पद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने धार्मिक और सामाजिक तनाव को जन्म दे दिया है। इस वीडियो में भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर को भगवान श्रीराम पर WWE रेसलिंग स्टाइल में हमला करते हुए दिखाया गया है।
यह वीडियो स्थानीय स्तर पर भारी विवाद का कारण बन गया है, जिसके बाद बजरंग दल ने इसकी शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

वीडियो का स्रोत और पोस्ट करने वाला
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो "बुद्ध बिहार समता समाज सेवक समिति कांकर" के अध्यक्ष जवान सिंह जाटव ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किया था। वीडियो में कथित तौर पर डॉ. अंबेडकर को भगवान श्रीराम के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करते हुए दर्शाया गया है, जो हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला माना गया। वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय हिंदू संगठनों में रोष फैल गया, और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
बजरंग दल की शिकायत
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीहोर थाना क्षेत्र के निवासी और बजरंग दल के प्रखंड सह-संयोजक देवेंद्र उर्फ देवू गुर्जर ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि यह वीडियो जानबूझकर हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक तनाव पैदा करने के इरादे से पोस्ट किया गया है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए।
देवेंद्र ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि इस तरह का कंटेंट न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी बिगाड़ने का प्रयास करता है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिवपुरी पुलिस ने बजरंग दल की शिकायत के बाद जवान सिंह जाटव के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67A के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 299 BNS धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक अशांति फैलाने से संबंधित है, जबकि धारा 67A IT Act अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से साझा करने से संबंधित है।
पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और जवान सिंह जाटव से पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि वीडियो का निर्माण और प्रसारण कैसे हुआ, और क्या इसमें कोई सुनियोजित साजिश शामिल है।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद शिवपुरी और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल है। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे सामुदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करार दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के वीडियो सामाजिक एकता को कमजोर करते हैं और विभिन्न समुदायों के बीच गलतफहमियां पैदा करते हैं। कई लोगों ने प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
शिवपुरी पुलिस और जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही, सोशल मीडिया पर इस तरह की संवेदनशील सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सीहोर थाना प्रभारी ने कहा, "हमने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और जांच चल रही है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही, हम जनता से अपील करते हैं कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी उत्तेजक सामग्री को साझा न करें।"
सोशल मीडिया और धार्मिक संवेदनशीलता
यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दों को सामने लाती है। हाल के वर्षों में, सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री साझा करने के कई मामले सामने आए हैं, जिन्होंने सामाजिक तनाव को बढ़ावा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सामग्री को रोकने के लिए जागरूकता और सख्त कानूनी उपाय आवश्यक हैं।












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