शिवराज सिंह चौहान का दिल छूने वाला अंदाज, काजीरंगा नेशनल पार्क में हाथियों को केले खिलाने का वीडियो वायरल
MP News: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक दिल छूने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में हाथियों को केले खिलाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में शिवराज अपनी सादगी और प्रकृति के प्रति प्रेम के लिए जाने जाने वाले अंदाज में हाथियों की टोली के साथ समय बिताते दिख रहे हैं।
खास तौर पर उन्होंने टोली की सबसे छोटी हथनी को 'छोटी परी' नाम दिया, जिसे देखकर उनका मन "आनंद से भर गया।" यह वीडियो न केवल शिवराज की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि काजीरंगा के प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी सामने ला रहा है। यह कहानी है एक नेता की, जो सियासत से इतर प्रकृति और जीवों के बीच अपने मन को आनंदित करता है।

Video of Shivraj Singh Chouhan: वायरल वीडियो, 'छोटी परी' के साथ प्यार
काजीरंगा नेशनल पार्क के दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने एक हाथी परिवार के साथ कुछ यादगार पल बिताए। वीडियो में वे एक टोली के साथ दिख रहे हैं, जिसमें कई वयस्क हाथी और एक छोटी हथनी शामिल है। शिवराज ने इस छोटी हथनी को 'छोटी परी' नाम दिया और उसे प्यार से केले खिलाए। वीडियो में उनकी खुशी साफ झलक रही है, जब छोटी परी अपनी सूंड से केले लेती है और मचलती हुई उनके आसपास खेलती है।
शिवराज ने खुद इस अनुभव को साझा करते हुए कहा, "काजीरंगा नेशनल पार्क के ये मचलते हाथियों की टोली और उसमें सबसे छोटी परी को देखकर मन आनंद से भर गया। प्रकृति और वन्यजीवों के बीच समय बिताना आत्मा को सुकून देता है।" यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, और लाखों लोगों ने शिवराज की सादगी और संवेदनशीलता की तारीफ की।
काजीरंगा दौरा, वन्यजीव संरक्षण पर जोर
शिवराज सिंह चौहान का काजीरंगा दौरा केवल एक पर्यटन यात्रा नहीं था, बल्कि इसका मकसद वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना भी था। काजीरंगा नेशनल पार्क, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, एक सींग वाले गैंडों, बाघों, और हाथियों के लिए मशहूर है। शिवराज ने पार्क के अधिकारियों के साथ बैठक की और वन्यजीवों के संरक्षण, स्थानीय समुदायों की आजीविका, और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर चर्चा की।
उन्होंने कहा, "काजीरंगा भारत की प्राकृतिक धरोहर है। यहां के वन्यजीव और पर्यावरण को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों को इससे जोड़कर हम आजीविका और संरक्षण दोनों को बढ़ावा दे सकते हैं।" न्यूज18 असम की एक रिपोर्ट के अनुसार, "शिवराज ने काजीरंगा में हाथी-मानव संघर्ष को कम करने के लिए विशेष योजनाओं की समीक्षा की और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।"
काजीरंगा और हाथी, क्यों खास?
काजीरंगा नेशनल पार्क में 2,000 से ज्यादा जंगली हाथी हैं, जो इसकी जैव-विविधता का अहम हिस्सा हैं। लेकिन हाथी-मानव संघर्ष इस क्षेत्र में एक बड़ी चुनौती है। शिवराज ने अपने दौरे में इस मुद्दे पर खास ध्यान दिया। उन्होंने कहा, "हाथी हमारी संस्कृति और प्रकृति का गौरव हैं। हमें इन्हें बचाना है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी है।"
उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं, जैसे वन्यजीव संरक्षण कोष और इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स, के तहत काजीरंगा को और संसाधन देने का वादा किया। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, "शिवराज ने काजीरंगा में सोलर फेंसिंग और कॉरिडोर डेवलपमेंट के लिए विशेष फंड की घोषणा की।"
शिवराज का अंदाज, सियासत से इतर
शिवराज सिंह चौहान, जिन्हें मध्य प्रदेश में 'मामा जी' के नाम से जाना जाता है, अपनी सादगी और जनता से जुड़ाव के लिए मशहूर हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री बनने के बाद भी उनका यह अंदाज बरकरार है। चाहे संसद में किसानों की बात करना हो, या काजीरंगा में हाथियों को केले खिलाना, शिवराज हर मौके पर अपनी संवेदनशीलता और जमीन से जुड़ाव दिखाते हैं।












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