MP में नगरीय विकास-आवास विभाग के दौड़ेंगे 250 इलेक्ट्रिक वाहन, पेट्रोल-डीजल पर खत्म होगी निर्भरता
MP News: मध्य प्रदेश में सरकार अब इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जोर दे रही हैं। पर्यावरण संरक्षण समेत कई पहलुओं का ख्याल रखते हुए सभी विभागों में इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदे जा रहे हैं। इससे सरकार के साथ आम जनता को भी कई सहूलियतें मिलेंगी।
प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास के नीरज मंडलोई ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता समाप्त होगी। इस संबंध में जो नीति बनाई जा रही है, वह ऐसी होनी चाहिए कि व्यावहारिक रूप से मैदानी स्तर पर उतारी जा सके।
भोपाल में इस सिलसिले में चर्चा के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति निर्माण में सहयोगात्मक दृष्टिकोण विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेस लिमिटेड और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मध्य एमओयू किया गया। एमओयू के तहत कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेस लिमिटेड 34 अमृत शहरों और विभाग के उपक्रमों में 250 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध करायेगा। मध्यप्रदेश में वर्तमान में लगभग 90 हजार इलेक्ट्रिक व्हीकल पंजीकृत हैं। जिनका बड़ी सुगमता के साथ संचालन हो रहा हैं।

प्रदेश में 257 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन हैं, जो देशभर में कुल सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन का 3.6 प्रतिशत है। कार्यशाला में उज्जैन नगरपालिक निगम के महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि उज्जैन जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व के नगरों में प्राचीन मंदिरों और स्मारकों के संरक्षण के लिये इलेक्ट्रिक व्हीकल जरूरी है। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव ने कहा कि ई.व्ही. को व्यापक रूप से अपनाने में आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिये एकीकृत प्रयास की आवश्यकता है। नई ई.व्ही. नीति को इलेक्ट्रिक गतिशीलता के साथ सकारात्मक भावनात्मक संबंध बनाने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिये। नीति निर्माण में तकनीकी अंतदृष्टि और विशेषज्ञता को शामिल करने से यह सुनिश्चित होगा कि यह नीति विकसित हो रहे ई.व्ही. परिदृश्य की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओें के अनुरूप है।












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