MP News: इतिहास में पहली बार 5 बार के विधायक और पूर्व मंत्री बने सांसद प्रतिनिधि, पार्षद से भी कम है प्रोटोकॉल

MP Politics: मध्य प्रदेश की सियासत में कब क्या हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है। एक बार फिर से ही उदाहरण देखने को मिला है। पांच बार के विधायक व पूर्व मंत्री कमल पटेल को सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया है।

मध्य प्रदेश सरकारमें कमल पटेल मंत्री रह चुके हैं। कमल पटेल 2023 विधानसभा चुनाव हार गए गए थे। पटेल ओबीसी के बड़े नेता माने जाते हैं। हालांकि, सवाल खड़ा होता है रुतबे में पार्षद से भी छोटा रहने वाले सांसद प्रतिनिधि के पद को पटेल ने क्यों स्वीकार किया‌ है।

Kamal Patel MP representative Durgadas Uikey

सांसद प्रतिनिधि बनाए जाने के बाद कहा जा रहा है कि जिले में राजनीतिक खींचतान के कारण पटेल सांसद प्रतिनिधि बने हैं। क्योंकि वे जिला योजना के साथ तमाम मीटिंगों में शामिल रहना चाहते हैं। यही नहीं पटेल 2014 लेकर 2018 तक भी सांसद प्रतिनिधि रह चुके हैं। हालांकि इस बार अंदरूनी खींचतान बड़ी वजह बन हुई है।

दरअसल, पटेल हरदा नगर पालिका की मीटिगों में हिस्सा लेना चाहते हैं, लेकिन कोई जरूरी पद नहीं होने की वजह से वे ऐसा नहीं कर पा रहा थे। हरदा नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की पार्षद भारती राजू कमेडिया को अध्यक्ष चुना गया था, पति राजू अभी तक बतौर सांसद प्रतिनिधि बैठकों में शामिल होते थे। यही वजह है कि पटेल ने दोबारा सांसद प्रतिनिधि बनना मंजूर कर लिया है।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव हरदा विधानसभा सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ था। कांग्रेस प्रत्याशी डॉक्टर आरके दोगने ने तात्कालीन कृषि मंत्री कमल पटेल को हरा दिया था। हरदा विधानसभा सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है। कमल पटेल दो दशक से जीतते हुए आ रहे थे। हालांकि, कमल पटेल साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भी डॉक्टर रामकिशोर दोगने से हार चुके थे। 2018 में उस हार का बदला लिया था।

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