उमा भारती अज्ञातवास पर, संन्यास दीक्षा के 30 साल पूरे, आज से परिवार के रिश्ते-बंधनों से मुक्त होंगी
उमा भारती आज से परिवार के रिश्तों-बंधनों से मुक्त होंगी, अज्ञातवास पर अमरकंटक में हैं
उमा भारती आज से बंधनों
Uma Bharti : भाजपा नेत्री व पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की संन्यास दीक्षा को 17 नवंबर गुरुवार को 30 साल पूरे हो रहे हैं। वे बीते चार दिन से अमरकंटक में नर्मदा किनारे अज्ञातवास पर हैं। उनकी बीते 7 नवंबर को की गई घोषणा के अनुसार वे अब परिवार के सारे रिश्तों-बंधनों से मुक्त हो रही हैं। उमा भारती के ट्वीट के अनुसार अब सारा संसार उनका परिवार होगा और वे उमाश्री भारती के बजाय अब 'दीदी मां' कहलाएंगी।

उमाश्री भारती ने बीते कुछ समय से शराब के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। वे अपनी ही शिवराज सरकार के खिलाफ सड़क पर आकर आंदोलन करने से नहीं चूंकी। इधर उन्होंने बीते 4 नवंबर को सोशल मीडिया पर आकर सार्वजनिक रुप से एक के बाद एक 17 ट्वीट कर घोषणा की थी। उमा के शब्दों के अनुसार मैं अपने परिवार जनों को सारे रिश्तों-बंधनों से मुक्त करती हूं और मैं स्वयं भी 17 नवंबर 2022 को इन रिश्तों से मुक्त हो जाऊंगी। उनके अनुसार मेरा संसार एवं परिवार बहुत व्यापक हो चुका हैं। अब मैं सारे विश्व की दीदी मां हूं। मेरा निजी कोई परिवार नहीं है।

गुुरुवार को संन्यास दीक्षा के 30 साल पूरे हो रहे हैं
उमा भारती द्वारा ट्वीट के माध्यम से दी गई जानकारी अनुसार 17 नवंवर 1992 को अमरकंटक में उनकी सन्यास दीक्षा संपन्न हुई थी। संन्यास दीक्षा के 30 साल पूरे होने पर बीते दिनों जबलपुर भेड़ाघाट होते हुए अमरकंटक पहुंच गई थीं। तीन दिन से वे अज्ञातवास पर हैं। उनसे जुड़े नजदीकियों के अनुसार वे नर्मदा किनारे बाहरी दुनिया से दूर आध्यात्मिक शांति व साधना में रमी हैं।
अज्ञातवास से बाहर आकर करेंगी संवाद
सूत्रों के अनुसार उमाश्री भारती 17 नवंबर गुरुवार को अपनी संन्यास दीक्षा के 30 साल पूरे होने के बाद अमरकंटक में अपने गुरु के आश्रम में अज्ञातवास पर हैं। वे जल्द ही अज्ञातवास से बाहर आकर अपनी घोषणा, परिवार से रिश्ते-बंधनों से मुक्त होने को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकती हैं।












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