MP News: टमाटर की फसल किसान को करेगी मालामाल, कैसे होगा ये कमाल, जानिए

मध्यप्रदेश के झाबुआ जिलें में टमाटर का उत्पादन बहुतायत क्षेत्रफल में होता है। वर्तमान में टमाटर का रकबा लगभग 2730 हैक्टेयर है व कुल उत्पादन 1.63 लाख मेट्रिक टन है। जिले के पेटलवाद थांदला सहित अन्य विकासखंडों में कृषकों द्वारा ड्रिप आधारित सिंचाई पद्धति से टमाटर की कृषि की जाती है।

जब टमाटर का भाव कम हों तब कृषक अपने उत्पाद कों प्रसंस्कृत कर बाजार में बेचकर अधिक लाभ कमा सकता है। इसी उद्देश्य को दृष्टिगत रखतें हुए कलेक्टर नेहा मीना ने नवाचार करते हुए 03 जुलाई 2024 को एक बैठक का आयोजन जिला अधिकारीयों, एफ.पी.ओ., खाद्य प्रसंस्करण उद्यमीयों व जिलें के उन्नत टमाटर उत्पादक कृषकों को उपस्थिती में किया गया।

Jhabua

कलेक्टर द्वारा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि, झाबुआ जिलें में टमाटर उत्पादक कृषकों का एक कलस्टर तैयार कर एक हब का निर्माण किया जाए, जिसमें टमाटर से संबंधित सभी उत्पाद जैसे टमाटर सॉस, टमाटर केचअप, टमाटर प्युरी, टमाटर पावडर आदि का उप्तादन किया जाए, जिससें कृषकों को अपनी उपज का सही दाम प्राप्त हो सकें। मात्र 06 माह में झाबुआ जिलें में 10 टमाटर ड्रायर व 01 युनिट टमाटर सॉस की स्थापित होकर क्रियाशील भी हो गई है। इन्ही प्रयासों को सुनियोजित ढंग से बड़े पैमाने पर विस्तार देने के उद्देश्य से आज यह बायर सेलर कार्यशाला का आयोजन किया गया ताकि टमाटर प्रसंस्कृत उत्पादों का उचित दाम प्राप्त हो सके।

कृषि विज्ञान मेला सह टमाटर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, बायर सेलर कार्यशाला एवं युवा रोजगार सृजन परिसंवाद कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री महिला एवं विकास विभाग निर्मला भूरिया ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम कलेक्टर नेहा मीना, जिलाध्यक्ष भानू भूरिया एवं जनप्रतिनिधि कलसिंह भाबोर की विशेष उपस्थिति में आयोजित हुआ।

प्रदर्शनी अवलोकन

अतिथियों द्वारा विभिन्न विभागो के द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया जिसमें कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यानिकी विभाग, आयुष विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आजीविका मिशन की दीदीयों के साथ विभिन्न एफपीओ के द्वारा विभिन्न योजनाओं के सम्बन्ध में प्रदर्शनी लगायी गयी।

मुख्य कार्यक्रम

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि, जनजातीय क्षेत्र में इस प्रकार की बायर सेलर मीट का आयोजन पह‌ली बार हुआ है जो निश्चित ही हमारे क्षेत्र के किसानो के लिए लाभप्रद सिद्ध होगी। इस प्रकार के कार्यक्रम एवं नए अवसरो के माध्यम से हमारे जनजातीय क्षेत्र के किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे।

उन्होंने कहा कि, देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में किसान, नारी, युवा एवं गरीब कल्याण के उत्थान हेतु मध्यप्रदेश शासन संकल्पित है। किसानो से कार्यशाला के माध्यम से उन्नत तकनीको के महत्व एवं अपनाये जाने के तरीको को सीखने के लिए प्रोत्साहित किया और कलेक्टर नेहा मीना द्वारा किये जा रही पहल की सराहना की।

कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि, जिले में लगभग 2700 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर का उत्पादन किया जाता है। हमारा प्रयास है कि जिले के कृषको को स्थानीय रूप से प्रसंस्करण के प्रशिक्षण उपलब्ध करा कर मार्केटिंग के अवसर उपलब्ध कराये जाए। जिससे कि, टमाटर का रकबा 3500 हेक्टेयर तक पहुंच जाए।

इसी के तहत बायर सेलर मीट के माध्यम से किसानो और कम्पनियों के मध्य एमओयू साइन हो सके। जिससे परम्परागत कृषि के स्थान पर उद्यानिकी को बढ़ावा मिले व किसानो की बिक्री होने पर आत्मविश्वास जागृत हो। उन्होने कहा कि, जिले में मधुमक्खी पालन और मशरूम कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा एवं भविष्य में भी इस प्रकार की बायर सेलर मीट का आयोजन किया जाएगा।

जिलाध्यक्ष भानू भूरिया ने कहा कि, किसानों के हित में उठाया गया कदम निश्चित ही अच्छा प्रयास है। साथ ही जिले में टमाटर के साथ मूंगफली के लिए भी मार्केटिंग के अवसर उपलब्ध कराये जाने हेतु कहा। जनप्रतिनिधि कलसिंह भाबर ने समस्त किसानों से मीट में कृषि की नई पद्धतियों को सीख कर अपनाने की अपील की।

एमओयु साइन

01. रहेजा सोलर फुड प्रोसेसिंग प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी और झाबुआ जिले के एफ.पी. ओं झाबुआ फ्रेश एग्रो की बीच एम.ओ.यु. साइन हुआ जिसमें कम्पनी एफ.पी.ओ. के माध्यम से 50 क्विंटल प्रतिमाह ड्राय टमाटर ए ग्रेड का 280 रुपये प्रति किलों के मान से खरीदेगी।

02. ई.क्यु. मार्केटिंग इन कॉरपोरेट झाबुआ के कृषकों से एक एम.ओ.यु. साईन किया जो 50 क्विंटल प्रतिमाह टमाटर फलेक्स, टमाटर पावडर आदि खरीदने के इच्छुक है।
03. एस.एन.एल. इनोवेशन प्राईवेट लिमिटेड जयपुर राजस्थान ने उद्यानिकी विभाग से एम. ओ.यु. साइन किया जिसमें विभाग कृषकों का एक कलस्टर तैयार कर कम्पनी को देगा। कम्पनी संबंधित कृषक को ऐसेप्टिक पैकेजिंग का प्रशिक्षण देकर वहाँ युनिट स्थापित करेगा और प्रसंस्कृत टमाटर के उत्पाद को खरीदने का पुनः अलग से एग्रीमेन्ट करेगा।

04. इन्फ्राग्लो फुडेक्स प्राईवेट लिमिटेड लखनऊ, उत्तर प्रदेश 10 कृषकों के यहाँ 02 इन्फ्रा रेड इलेक्ट्रिक ड्रायर और 01 सोलर ड्रायर स्थापित करेंगे जिसकी लागत लगभग 10 लाख प्रति युनिट रहेगी और कम्पनी 01 साल में कम से कम 05 लाख रुपये का उत्पाद कृषकों से वापस खरीदेगी।

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