Bhopal News: टैक्स की मार, प्रॉपर्टी टैक्स में 10%, पानी और कचरे पर 15% की बढ़ोतरी, 5.62 लाख लोग प्रभावित
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के निवासियों के लिए गुरुवार का दिन एक नई चुनौती लेकर आया। भोपाल नगर निगम ने अपने 2025-26 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स में 10 प्रतिशत और पानी व ठोस-अपशिष्ट कर में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया।
इस फैसले से शहर के करीब 2.25 लाख नल कनेक्शन और 5.62 लाख प्रॉपर्टी टैक्स उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। महापौर मालती राय ने यह बजट गुरुवार को नगर निगम सदन में पेश किया, लेकिन इस प्रस्ताव ने शहर में हलचल मचा दी है।

बजट का रंगीन आगाज
सुबह-सुबह नगर निगम सदन में उस वक्त हल्की-फुल्की चहल-पहल देखने को मिली, जब महापौर मालती राय एक सफेद-नीले रंग के झोले में बजट की कॉपी लेकर पहुंचीं। उनके साथ निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी थे। यह नजारा कुछ देर के लिए चर्चा का विषय बना, लेकिन जैसे ही बजट की बारीकियां सामने आईं, माहौल गंभीर हो गया। 3,611.99 करोड़ रुपये का यह बजट पिछले साल के 3,353 करोड़ रुपये से काफी बड़ा है, लेकिन टैक्स बढ़ोतरी के ऐलान ने इसे विवादों के केंद्र में ला दिया।
जेब पर बोझ, जनता में नाराजगी
इस बढ़ोतरी का मतलब है कि अब भोपालवासियों को अपनी प्रॉपर्टी, पानी और कचरा प्रबंधन के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना होगा। एक औसत परिवार, जो पहले 210 रुपये महीने का पानी टैक्स देता था, अब उसे 31.50 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। इसी तरह, ठोस-अपशिष्ट शुल्क में 15% की बढ़ोतरी से छोटे घरों का बिल 60 रुपये से बढ़कर 69 रुपये और बड़े घरों का 90 रुपये से 103.50 रुपये हो सकता है। प्रॉपर्टी टैक्स में 10% की वृद्धि का असर भी हर घर के सालाना बजट पर पड़ेगा।
शहर के एक निवासी रमेश शर्मा ने नाराजगी जताते हुए कहा, "पहले ही महंगाई की मार झेल रहे हैं, अब यह टैक्स बढ़ोतरी हमारी कमर तोड़ देगी। सरकार को पहले सुविधाएं बढ़ानी चाहिए थीं।" वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि यह पैसा अगर सही जगह इस्तेमाल हुआ तो शहर की सूरत बदल सकती है।

महापौर की दलील, विपक्ष का विरोध
महापौर मालती राय ने बजट पेश करते हुए कहा, "यह बढ़ोतरी शहर के विकास के लिए जरूरी है। हम आधे प्रॉपर्टी टैक्स को उसी वार्ड में खर्च करेंगे, ताकि लोगों को सीधा फायदा मिले।" उन्होंने सड़क मरम्मत के लिए 30 लाख, स्ट्रीट लाइट्स के लिए 11 करोड़ और चौड़ी सड़कों को सुंदर बनाने के लिए 12 करोड़ रुपये की घोषणा भी की। लेकिन विपक्षी कांग्रेस पार्षदों ने इसे जनता पर बोझ बताते हुए जोरदार विरोध किया। कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा, "यह जनता को लूटने का तरीका है। अधूरे प्रोजेक्ट्स का क्या हुआ, उसका जवाब पहले दो!"
शहर के लिए क्या है बजट में?
टैक्स बढ़ोतरी के अलावा बजट में कुछ सकारात्मक घोषणाएं भी हैं। हर विधानसभा क्षेत्र को 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड मिलेगा, जिससे स्थानीय विकास को बढ़ावा मिल सकता है। काउंसिलरों के फंड को भी 25 लाख से बढ़ाकर 40 लाख करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही शहर की सुंदरता और बुनियादी ढांचे पर जोर देने की बात कही गई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह बढ़ोतरी जनता को मिलने वाली सुविधाओं के अनुपात में होगी?
सोशल मीडिया पर बवाल
बजट पेश होते ही सोशल मीडिया पर BhopalTaxHike ट्रेंड करने लगा। एक यूजर ने लिखा, "पानी का बिल बढ़ा, कचरे का बिल बढ़ा, प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ा-क्या नहीं बढ़ा?" वहीं, कुछ ने इसे जरूरी कदम बताते हुए कहा कि शहर को बेहतर बनाने के लिए फंड चाहिए। यह बहस अब सड़कों से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच गई है।
आगे क्या?
भोपाल नगर निगम का यह बजट अब पार्षदों की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। अगर इसे हरी झंडी मिली, तो यह पहली बार होगा जब मौजूदा परिषद के कार्यकाल में टैक्स में बढ़ोतरी लागू होगी। लेकिन कांग्रेस के विरोध और जनता की नाराजगी को देखते हुए यह रास्ता आसान नहीं दिखता। क्या यह बजट भोपाल की तरक्की की नई कहानी लिखेगा, या सिर्फ एक नया बोझ बनकर रह जाएगा? यह सवाल हर भोपालवासी के मन में कौंध रहा है।












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