MP News: सुप्रीम कोर्ट ने NCPCR की सिफारिशों पर लगाई रोक, मदरसों को मिलेगी राहत

MP News: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की सिफारिशों पर रोक लगाते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस फैसले के परिणामस्वरूप देशभर के मदरसों को सरकार की ओर से मिलने वाली फंडिंग जारी रहेगी।

एनसीपीसीआर ने सरकारी वित्त पोषित और सहायता प्राप्त मदरसों को मिलने वाली धनराशि रोकने की मांग की थी, यदि वे शिक्षा के अधिकार कानून का पालन नहीं करते हैं।

Supreme Court bans NCPCR recommendations Madrassas will get relief

मदरसों पर बढ़ा संकट

इस फैसले से प्रदेश के छह हजार से अधिक मदरसों को राहत मिली है, जो बंद होने के संकट का सामना कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्रों को सरकारी स्कूलों में भेजने संबंधी NCPCR की सिफारिश को भी खारिज कर दिया।

अदालती कार्यवाही

इस मामले की सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के वकील की दलीलें सुनीं। वकील ने एनसीपीसीआर और कुछ राज्यों की कार्रवाइयों पर रोक लगाने की आवश्यकता का हवाला दिया।

राज्यों के निर्देश पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि इस वर्ष 7 जून और 25 जून को जारी एनसीपीसीआर के सिफारिश पर कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इसके चलते राज्यों के आदेश भी स्थगित रहेंगे। न्यायालय ने मुस्लिम संगठन को उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा के अलावा अन्य राज्यों को भी याचिका में पक्षकार बनाने की अनुमति दी है।

इस फैसले ने न केवल मदरसों को राहत दी है, बल्कि शिक्षा के अधिकार के पालन को लेकर भी एक महत्वपूर्ण दिशा दिखाई है। यह कदम सामुदायिक शिक्षा प्रणाली की स्थिरता को सुनिश्चित करने में सहायक साबित होगा और सरकार की वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेगा।

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