Serial Killer: उज्जैन के गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप से प्रेरित है शिवप्रसाद धुर्वे, मानता है रोल माॅडल
सागर, 5 सितम्बर। अपराध की दुनिया में खुद को काबिज करने के लिए फिल्मी स्टाइल में बेकसूर सोते हुए सिक्योरिटी गार्डों की हत्या करने वाला शिवप्रसाद धुर्वे ने मप्र के सबसे कम उम्र के गैंगस्टर को अपना रोल मॉडल बनाया था। उज्जैन में कुछ समय पहले तक जिस गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप की दहशत कायम थी और जो बाद में गैंगवार में ही मारा गया था शिवप्रसाद ने उसे अपना रोड मॉडल बना लिया है। उसने दुर्लभ कश्यप के काफी वीडियो देखे हैं, वह उसे इंस्पायर भी है। इसके अलावा केजीएफ-2 और पुष्पा फिल्में उसके दिलो-दिमाग में फिट हो गई हैं। फिल्मों में अपराध जगत से जुड़े किरदारों को उसने अपना हीरो मानकर उन्हीं के जैसे कम समय में देश-दुनिया में फैमस होना चाहता था। इसलिए निर्दोष और बेकसूरों की हत्या कर डाली।

डॉन बनने की चाहत में गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप के काफी वीडियो देखे
सागर जिले के केसली का कैंकरा गांव का रहने वाला 19 वर्षीय शिवप्रसाद धुर्वे दुनिया में नाम कमाने, फेमस होने के लिए महज एक हफ्ते में इस तरीके से अपराध की दुनिया में कदम रखा कि वह वाकई में गलत रास्ते पर चलकर फेमस हो गया। उसने सागर में 3 और भोपाल में 1 सिक्योरिटी गार्ड की हत्या कर दी। पूर्व में भी वह पुणे व गोवा जैसे शहर में अपराध कर चुका है। युवा अवस्था में वह जल्द से जल्द पैसा कमाने और डॉन बनने की चाहत में वह फिल्म केजीएफ-2 और पुष्पा फिल्म के किरदारों को खुद के जीवन में जीने लगा था। उसने इनकी फिल्मी किरदारों के अलावा उज्जैन में गैंगवार में मारे गए मप्र के सबसे कम उम्र के गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप के काफी वीडियो इंटरनेट पर देखे थे। शिवप्रसाद उसे अपना रोल मॉडल मानकर उसी के जैसा बनना चाहता था।

कौन है गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप, जिसे सीरियल किलर रोल माॅडल मानता है
दुर्लभ कश्यप उज्जैन का रहने वाला था। महज 20 साल की उम्र में उसने जुर्म की दुनिया में नाम कमा लिया था। वह फेसबुक और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को धमकी देना, रंगदारी वसूल करना, अपराध करना, धमकी देना, विवाद निपटारे जैसे काम करता था। दुर्लभ का जन्म साल 2000 में हुआ था। और 6 सितम्बर 2020 को गैंगवार में उसकी निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे।

सोशल मीडिया के माध्यम से वसूली, रंगदारी और सुपारी लेता था
दुर्लभ के पिता व्यापारी व मां टीचर थी, बावजूद इसके उनका बेटा कच्ची उम्र में उनके हाथ से निकल गया था। वह उम्र बढ़ने के साथ जुर्म की दुनिया में आगे बढ़ता गया। आंखें में काजल लगाना, माथे पर तिलक और कंधे पर दुपट्टा उसका व उसकी गैंग का स्टाइल और स्टेटस सिम्बल बन गया था। वह सोशल मीडिया के माध्यम से पूरी गैग का संचालन करता था। उसकी दहशत का आलम यह था कि वह सोशल मीडिया और फेसबुक के माध्यम से ही रंगदारी तो ठीक सुपारी तक लेने लगा था। पुलिस ने उसके गिरोह का खुलासा कर उसे जेल भेज दिया था। कोरोना काल में बाकी मुजरिमों की तरह उसे भी जमानत मिल गई। बाहर आकर फिर उसने पुरानी स्टाइल में काम करना शुरु कर दिया था। इस दौरान एक युवक पर उसने गोली चलाई तो उसने व उसके साथियों ने मौके पर ही दुर्लभ को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। उसके शरीर में 32 चाकुओं के घाव थे।

गोवा पुलिस नहीं आ सकी, रोज एक थाना रिमांड पर ले रहा
सीरियल किलर शिवप्रसाद धुर्वें से पूछताछ करने के लिए गोवा पुलिस, सागर पुलिस के अधिकारियों के संपर्क में हैं। हालांकि सोमवार देर शाम तक गोवा पुलिस सागर नहीं आ सकी थी। इधर शिवप्रसाद को पूछताछ के लिए रोजाना एक-एक थाना कोर्ट से रिमांड पर ले रहा है। भोपाल से सागर लाने के बाद सबसे पहले एसपी और आईजी ने उससे पूछताछ की थी। उसी दिन दोपहर में कोर्ट में पेश कर सिविल लाइन पुलिस ने रिमांड पर लिया था। दूसरे दिन कैंट थाना पुलिस ने उसको रिमांड पर लिया था। बीते रोज मोतीनगर पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर उसके द्वारा की गई चौकीदार की हत्या के मामले में पूछताछ की थी। सोमवार को कोर्ट से शिवप्रसाद को गोपालगंज पुलिस ने रिमांड पर लिया है। थानाक्षेत्र में हुई चोरी को लेकर उससे पूछताछ चल रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार चोरी के लैपटॉप के मामले में उससे पूछताछ चल रही है।












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