RTE के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश का दूसरा चरण शुरू, जानिए कैसे मिलेगा एडमिशन, किन बच्चों को मिलेगा लाभ

MP News: मध्य प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दिलाने की दिशा में सरकार ने दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया उन बच्चों के लिए सुनहरा मौका है, जिन्हें पहले चरण में स्कूल आवंटन नहीं हुआ था या वे आवंटित स्कूल से संतुष्ट नहीं थे।

राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी कलेक्टरों और जिला समन्वयकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस चरण में नए आवेदन नहीं लिए जाएंगे, बल्कि केवल वे अभिभावक चॉइस फिलिंग कर सकेंगे जो पहले से ही पंजीकृत और सत्यापित हैं।

Second phase of free admission in private schools under RTE begins know how to get admission

क्यों महत्वपूर्ण है यह दूसरा चरण?

पहले चरण में हजारों बच्चों को स्कूल आवंटित नहीं हो पाया या उन्होंने मनचाहे स्कूल न मिलने पर प्रवेश नहीं लिया। ऐसे में दूसरे चरण की यह प्रक्रिया उनके लिए उम्मीद की नई किरण है।

यह चरण इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक की प्रक्रिया में तकनीकी कारणों, दूरी की समस्याओं या अभिभावकों की अनभिज्ञता के कारण कई पात्र बच्चे स्कूलों में दाखिला नहीं ले पाए।

प्रमुख तिथियां: किस दिन क्या होगा?

  • तारीख कार्य
  • 16 जून - 20 जून स्कूल की पसंद (चॉइस फिलिंग) अपडेट कर सकेंगे
  • 25 जून दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी का आयोजन
  • 25 जून - 30 जून स्कूल में प्रवेश और मोबाइल ऐप से रिपोर्टिंग

किन्हें मिलेगा इस चरण में मौका?

  • ऐसे बच्चे जिनका पहले राउंड में स्कूल आवंटन नहीं हुआ था, हालांकि उनका आवेदन सत्यापित और स्वीकृत था।
  • वे अभिभावक जिन्होंने पहले राउंड में स्कूल आवंटन तो प्राप्त किया, लेकिन पसंद न होने के कारण प्रवेश नहीं लिया।
  • इस चरण में दोबारा दस्तावेज सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी।

बड़ी संख्या में बच्चों को मिलेगा लाभ

राज्य शिक्षा केंद्र का लक्ष्य है कि 1,66,751 बच्चों को RTE अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला दिलाया जाए। इनमें 87,021 लड़के और 79,730 लड़कियां शामिल हैं। इस वर्ष प्रदेश के 18,422 निजी स्कूलों ने प्रक्रिया में भाग लिया है और इनमें 93,822 सीटें RTE के लिए आरक्षित की गई हैं।

क्या है RTE अधिनियम?

  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 के तहत गैर-अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों को अनिवार्य रूप से हर साल 25% सीटें गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं।
  • इनमें सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर बच्चे शामिल होते हैं।

ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता बनी रहेगी

मध्य प्रदेश सरकार ने RTE प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। आवेदन, चॉइस फिलिंग, लॉटरी और एडमिशन रिपोर्टिंग सब कुछ ऑनलाइन होता है, जिससे:

  • बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है
  • अभिभावकों को स्कूलों की जानकारी मिलती है
  • बच्चों को स्कूलों तक पहुंचाने में तकनीकी सहायता मिलती है

अब क्या करें अभिभावक?

यदि आपने पहले चरण में आवेदन किया था लेकिन आपका बच्चा प्रवेश से वंचित रह गया, तो यह आपके लिए दूसरा और अंतिम अवसर है।

16 जून से 20 जून के बीच, निकटतम CSC (कॉमन सर्विस सेंटर), ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी स्कूल पसंद को अपडेट करें और 25 जून की लॉटरी में भाग लें। याद रखें, इस बार नया आवेदन नहीं लिया जाएगा। यह मौका सिर्फ पहले से पंजीकृत और पात्र बच्चों के लिए है।

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