विजयपुर उपचुनाव में मंत्री रावत की हार पर अखिलेश यादव का बीजेपी पर तंज, बीजेपी ने किया पलटवार
MP news: मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत की हार ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस हार के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसा है।
अखिलेश ने अपने ट्वीट में लिखा, "मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के कैबिनेट मंत्री की हार बता रही है कि भाजपा का सच क्या है। ये जीत परिवर्तन का बीज साबित होगी।"

अखिलेश यादव का यह ट्वीट बीजेपी के लिए चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि यह हार न केवल बीजेपी की रणनीति पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि मध्य प्रदेश में पार्टी की बढ़ती मुश्किलों को भी उजागर करती है। अखिलेश का मानना है कि विजयपुर उपचुनाव की जीत बदलाव की शुरुआत है, जो बीजेपी के लिए एक चेतावनी के रूप में सामने आई है।
बीजेपी का पलटवार: कांग्रेस की जीत से सपा की 'दुर्गति' नहीं ढकी जा सकती
अखिलेश यादव के ट्वीट पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश में पार्टी की बिगड़ती स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी। बीजेपी के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा, "अखिलेश जी, उत्तर प्रदेश में आपकी समाजवादी पार्टी की जो दुर्गति हो रही है, जरा उस पर ध्यान दीजिए। आप अपनी दुर्गति को मप्र में कांग्रेस के किसी छुटभैया की जीत से नहीं ढंक सकते। बीजेपी मध्य प्रदेश में दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और आगे भी बढ़ेगी। आपमें साहस है तो यहां आकर कांग्रेस के समकक्ष चुनाव लड़िए। आपका तो प्रत्याशी ही यहां से रवाना हो जाता है।"
बीजेपी का यह तर्क था कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी की बुरी स्थिति को सुधारने के बजाय मध्य प्रदेश के उपचुनाव की हार से ध्यान भटका रहे हैं। बीजेपी ने यह भी कहा कि राज्य में उसकी पकड़ मजबूत हो रही है और वह आने वाले समय में और मजबूती से आगे बढ़ेगी।
उमंग सिंघार का आरोप: बीजेपी ने मंत्री पद का लालच देकर रावत को खरीदा
वहीं, मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी की हार को पार्टी के लिए "सबसे करारी हार" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने मंत्री पद का लालच देकर कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत को अपने पक्ष में किया था, लेकिन जनता ने उन्हें सख्त संदेश दिया। उमंग सिंघार ने कहा, "सारी ताकत लगाकर भी बीजेपी अपने एक कैबिनेट मंत्री रामनिवास रावत को नहीं जिता सकी। दलबदल और राजनीतिक स्वार्थ का ये अनूठा नमूना है। बीजेपी ने मंत्री पद का लालच देकर रावत को खरीदा। उन्होंने भी तब तक विधायकी नहीं छोड़ी, जब तक उन्हें मंत्री पद देने की घोषणा नहीं हो गई।"
उन्होंने आगे कहा, "जनता ने रावत को बता दिया कि मतदाता उनकी जागीर नहीं है और बीजेपी को यह सिखा दिया कि दलबदल के हथकंडे जनता के फैसले के सामने नहीं चलते। अच्छा होगा कि बीजेपी अब राजनीतिक खरीद-फरोख्त से बाज आए।"
विजयपुर उपचुनाव की हार ने मध्य प्रदेश में बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका दिया है, खासकर जब पार्टी के कैबिनेट मंत्री को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और कांग्रेस नेताओं ने इसे बीजेपी की नीतियों और दलबदल की राजनीति पर बड़ा सवाल उठाने का मौका माना है। वहीं, बीजेपी इस हार को एक अस्थायी घटना मानते हुए खुद को राज्य में मजबूती से स्थापित करने का दावा कर रही है। यह घटनाक्रम आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।












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