Energy power village: गोबर गैस संयंत्र लगाकर आत्मनिर्भर बना सागौनी गांव, 21 साल से पक रहा भोजन
Energy Power:सागर जिले में केसली का सागौनी इकलौता ऐसा गांव है, जो गैस पर आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़कर ऊर्जा शक्ति का उदाहरण बन गया है। गांव में 118 घरों में से 73 घरों में गोबर गैस संयंत्र लगे हैं, इन्हीं पर भोजन बन रहा है।

Energy Power Village: सागौनी गांव ने ऊर्जा शक्ति के मामले में लगभग आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। इस गांव में 65 फीसदी घरों में गोबर से गैस बनाकर रसोई में भोजन पकाया जा रहा है। एक घर तो ऐसा है, जहां बीते 21 साल से गोबर गैस का उपयोग हो रहा है। ऊर्जा शक्ति सशक्तिकरण का इससे अच्छा उदाहरण नहीं हो सकता कि कुछ घर में तो इतनी गैस बन रही कि वे पड़ोसियों तक को कनेक्शन दे सकते हैं।

सागर जिले के आदिवासी बाहुल्य केसली जनपद का सागौनी गांव जिले और प्रदेश के लिए गैस के मामले में आत्मनिर्भता के मामले में बेहतर उदाहरण बन गया है। इस गांव में 65 से 70 फीसदी घरों में एलपीजी गैस के कनेक्शन ही नहीं हैं, न ही लकड़ी वाला चूल्हा जलता हैं। गांव में करीब 118 घर हैं, जिनमें से 73 घरों में शत-प्रतिशत गोबर गैस का उपयोग हो रहा है। कई घरों में तो प्लांट से इतनी गैस बन जाती है, कि वे पड़ोसियों को भी गैस कनेक्शन देने की स्थिति में आ गए हैं।

21 साल पहले लगा था पहला गोबर गैस प्लांट
जानकारी अनुसार केसली के सागौनी में सबसे पहले ज्ञानसिंह के घर में गोबर गैस का संयंत्र लगाया गया था। उनके घर में बीते 21 साल से गोबर गैस से ही भोजन पक रहा है। घर में गाय-भैंस पली हैं सो गोबर की कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। उनकी सफलता को देख धीरे-धीरे कर गांव के अन्य घरों में भी गोबर गैस प्लांट लगवा लिए गए हैं। इन घरों में कभी भी एलपीजी गैस कनेक्शन उपयोग नहीं किया गया। कुछ लोगों ने तो अपने कनेक्शन तक सरेंडर कर दिए हैं। कुल मिलाकर सागौनी गांव ने एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भता का बेहरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है।












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