MP News: मॉर्चुरी में रखे शव को खा गए कीड़े, बंद था बॉडी फ्रीजर, शव रखकर भूली पुलिस
सागर जिले के बीना सिविल अस्पताल में शव की दुर्गति का मामला सामने आया है। पीएम के लिए एक अज्ञात युवक के शव को मॉर्चुरी के बंद बॉडी फ्रीजर में रखवा दिया गया। पुलिसकर्मी भूल गए और मॉर्चुरी के स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया।

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना सिविल अस्पताल की मॉर्चुरी में पोस्टमॉर्टम के लिए तीन दिन तक एक शव डॉक्टरों का इंतजार करता रहा। पीएम तो नहीं हो सका, बंद बॉडी फ्रीजर में कीड़ों ने पूरे शव को खा लिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीएम हाउस में कीड़े पड़ चुके शव से तेज दुर्गंध उठने लगी और आसपास के इलाके में खड़ा रहना भी दूभर हो गया था। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और पुलिस एक-दूसरे के सिर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
सागर जिले के बीना तहसील स्थित सिविल अस्पताल में तमाम व्यवस्थाएं होते हुए लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने चार दि न पहले एक लावारिश हालत में मिले युवक के शव को पोस्ट मॉर्टम व शिनाख्ती के लिए मॉर्चुरी के बाड़ी फ्रीजर में रखवाया था। इसके बाद स्वीपर मॉर्चुरी में ताला लगाकर चला गया। किसी ने ध्यान नहीं दिया कि फ्रीजर खराब है या बंद है या चालू है कि नहीं। मंगलवार दोपहर में इलाके से गुजरने वाले लोगों की हालत खराब हो गई। इतनी तेज दुर्गंध उठ रही थी कि यहां से निकलने वाले लोगों तक को उल्टियां होने लगीं। बाद में जब स्वीपर ने ताला खोलकर बॉडी फ्रीजर खोलकर देखा तो शव पर हजारों-लाखों कीड़े बिलबिला रहे थे। शव काला पड़ चुका था और कीड़े खा रहे थे।
हड़कंप मचा तो बमुश्किल पीएम कराकर दफनाया
मामले में जब हड़कंप मचा तो आनन-फानन में डॉक्टर और स्वीपरों ने मुंह पर मास्क-कपड़ा बांधकर बमुश्किल शव के पीएम की औपचारिकता निभाई और शाम से पहले शव को जमीन में दफना दिया गया। अमानवीयता, शव की दुर्गति और मॉर्चुरी की अव्यवस्थाओं और लापरवाही सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर सारा ठीकरा पुलिस के सिर पर फोड़ रहे हैं, जबकि पुलिस विभाग इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होना बता रहा है। कुल मिलाकर दोनों एक दूसरे के सिर पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
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शव रखते समय देखना चाहिए फ्रीजर खराब है या चालू
पुलिस पोस्टमार्टम कराने मेरे पास आई थी, मैंने कहा था कि मृतक की उम्र 30 साल है, कोशिश करो की उसकी शिनाख्त हो जाए। पुलिसकर्मियायें ने बताया था कि शव डीप फ्रीजर में रखा है, इसलिए वह खराब नहीं होगा। लेकिन बाद में मुझे बताया गया कि फ्रीजर 15 दिन से खराब है। मंगलवार को शव का तुरंत पोस्टमार्टम कर दिया गया है। शव रखते समय देखना चाहिए था कि डीप फ्रीजर बंद है या चालू ।
- डॉ. संजीव अग्रवाल, प्रभारी, सिविल अस्पताल, सागर मप्र
सागर जिला अस्पताल में चूहे कतर चुके दो शवों की आंखें
सागर जिले में शव के साथ लापरवाही और दुर्गति का यह पहला मामला नहीं है। सागर जिला अस्पताल की मॉर्चुरी में तीन महीने पहले 15 दिन में दो घटनाएं सामने आई थीं, इसमें बॉडी फ्रीजर में पीएम के इंतजार में रखे शवों की आंखों को चूहे कुतरकर खा गए थे। एक के बाद एक 15 दिन में दो खबरें आने के बाद मप्र भर में हड़कंप मच गया था। इसके अलावा बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के पीएम हाउस में भी पूर्व में बॉडी फ्रीजर बंद होने, कोरोना काल में दर्जनों शव 45 डिग्री तापमान में भी 12-12 घंटे बैग में सड़ने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।












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