Sagar News: पंचायत में सड़क हो गई थी गायब, पूर्व सरपंच, सचिव, सब-इंजीनियर को जेल
विधायक निधि से बनाई जाने वाली सड़क का निर्माण किए बगैर ही फर्जी दस्तावेज तैयार कर भुगतान करने पर तत्कालीन सरपंच, उपयंत्री सहित चार को 10-10 वर्ष की सजा व दस-दस हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।

सागर जिले की भागनगढ़ तहसील का एक मामला जिसमें सरपंच, सचिव और इंजीनियरों की मिलीभगत से कैसे पंचायतों में भ्रष्टाचार किया जाता है, उदाहरण बन गया है। मामले में तत्कालीन महिला सरपंच, एक अन्य परिजन, पंचायत सचिव और सब इंजीनियर ने विधायक निधि से स्वीकृत सड़क को कागजों में बनाकर राशिा निकालकर बंदरबांट कर लिया। कोर्ट ने इस मामले में चारों को 10-10 साल के लिए जेल भेज दिया है।
अपर लोक अभियोजक श्यामसुंदर गुप्ता ने बताया कि ग्राम पंचायत भानगढ़ में साल 2009-10 में विधायक विकास निधि से सीसी रोड का निर्माण मनोज जैन के मकान से बहादुर सेन के मकान तक 1 लाख 99 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने पर किया जाना था। कार्यालयीन दस्तावेज के अनुसार 4 अगस्त 2009 को उपयंत्री प्रवीण असाटी ने ले-आउट प्रदान करने पर एक लाख प्रथम किस्त, तत्कालीन सरपंच रामाधार चढ़ार व सचिव रोहित कुर्मी को दिए। इसके बाद दूसरी किस्त तत्कालीन सरपंच ग्यानबाई आदिवासी व सचिव रोहित कुर्मी को 75 हजार रुपए दी गई। इसके बाद इन्हीं के लिए तीसरी किस्त 24 हजार रुपए दी गई। कार्य का मूल्यांकन उपयंत्री प्रवीण असाटी ने किया।
मीडिया के माध्यम से हुआ था खुलासा, कलेक्टर ने जांच कराई थी
मामले में शिकायत होने पर कलेक्टर ने जांच कराई तो सड़क ही गायब थी। जिसके बाद तत्कालीन सरपंच ज्ञानबाई ने 1 लाख 99 हजार रुपए की राशि जमा करा दी थी। बावजूद इसके कलेक्टर के आदेश पर दोषियों के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था। निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य नहीं किए जाने व फर्जी दस्तावेज बिल, बाउचर तैयार कर राशि 1 लाख 99 हजार रुपए का गबन किया गया। मामले में सुनवाई, साक्षय और तथयों के आधार पर चारों को दोषी मानते हुए प्रथम अपर-सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार अग्रवाल की अदालत ने चारों दोषियों को दस-दस साल की सजा व 10-10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। सभी आरोपियों को जेल वारंट जारी कर जेल भेज दिया।












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