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MP News: देवास में भोपाल बायपास पर चक्काजाम, राजपूत समाज का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने फिर चलाई लाठियां

MP News: मध्य प्रदेश में करणी सेना परिवार और पुलिस के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। हरदा में करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर और जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत समेत 50 से अधिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और लाठीचार्ज के विरोध में देवास में इंदौर-भोपाल बायपास चौराहे पर करणी सेना और राजपूत समाज ने चक्काजाम कर हंगामा मचा दिया।

इस दौरान 30 मिनट तक हाइवे जाम रहा, और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। यह घटना प्रशासनिक कार्रवाई, लोकतांत्रिक अधिकारों, और सामाजिक संगठनों के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करती है।

Road blockade on Bhopal bypass in Dewas protest by Rajput community police used batons

हरदा में शुरू हुआ विवाद: लाठीचार्ज, आंसू गैस, और गिरफ्तारियां

12 जुलाई 2025 को हरदा के सिटी कोतवाली थाने के बाहर करणी सेना परिवार ने धारा 420 (धोखाधड़ी) के एक मामले में आरोपी मोहित को कथित तौर पर संरक्षण देने के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप था कि पुलिस ने 18 लाख रुपये की हीरा खरीद धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को पैसे लेकर बचाया। प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत ने एसआई अनिल गुर्जर को कथित तौर पर धमकी दी, "वर्दी उतारकर आना, हम खुद न्याय करेंगे।" इस पर स्थिति बिगड़ गई। हरदा पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस, और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर समेत 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को शांति भंग और बलवा की धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

हरदा एसपी अभिनव चौकसे ने कहा, "करणी सेना ने थाने का घेराव किया और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की। एक एसआई को धमकाया गया, और झूमाझटकी हुई। मजबूरी में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।"

करणी सेना ने दावा किया कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने बेवजह सख्ती दिखाई। सुनील राजपूत ने कहा, "पुलिस ने आरोपी से रिश्वत लेकर मामले को कमजोर किया। हम न्याय मांग रहे थे, लेकिन हमें लाठियां और जेल मिली।"

देवास में चक्काजाम: भोपाल बायपास पर 30 मिनट का हंगामा

हरदा की घटना के विरोध में 13 जुलाई 2025 को देवास में करणी सेना और राजपूत समाज ने इंदौर-भोपाल बायपास चौराहे पर चक्काजाम किया। 100 से अधिक कार्यकर्ता सुबह 30 मिनट तक सड़क पर डटे रहे, जिससे हाइवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बसों में बैठे यात्री परेशान हुए, और मालवाहक वाहनों को भी रुकना पड़ा। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि हरदा में गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो।

करणी सेना के एक कार्यकर्ता विक्रम सिंह राठौर ने कहा, "हरदा में हम शांतिपूर्ण तरीके से बात करने गए थे, लेकिन पुलिस ने हमें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। हमारी मांग है कि हमें भी गिरफ्तार किया जाए, लेकिन न्याय मिलना चाहिए।"

देवास में बीएनपी थाना प्रभारी अमित सोलंकी, यातायात थाना प्रभारी पवन बागड़ी, और एडीएम बिहारी सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। आखिरकार, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को खदेड़ा। एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया, "कुछ करणी सैनिकों ने भोपाल चौराहे पर जाम किया था। हमने पहले समझाया, लेकिन जब वे नहीं हटे, तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और वाहनों से डंडे जब्त किए गए हैं। स्थिति अब सामान्य है।"

हरदा में तनाव: अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

हरदा में तनाव को देखते हुए नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, देवास, और खंडवा से 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, और भीड़ वाली जगहों पर सख्ती की जा रही है। हरदा बायपास रोड पर हनुमान मंदिर के पास शनिवार देर रात भी करणी सेना ने चक्काजाम किया था, जहां कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया।

महाराणा सेना के संस्थापक राजेंद्र राणा ने कहा, "जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत को बिना कारण जेल भेजा गया। लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो, और हमारे कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए।"

करणी सेना का इतिहास और मांगें

करणी सेना परिवार, जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में, 2006 में स्थापित एक क्षत्रिय संगठन है, जो करणी माता के नाम पर बना है। यह संगठन आर्थिक आधार पर आरक्षण और SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ आंदोलन के लिए जाना जाता है। 2016-17 में इसने मध्य प्रदेश में प्रभावी प्रदर्शन किए, और 2018 और 2023 के विधानसभा चुनावों में भी अपनी मांगों को लेकर चर्चा में रहा।

हरदा में यह प्रदर्शन धारा 420 के एक मामले से जुड़ा है, जिसमें करणी सेना का दावा है कि पुलिस ने आशीष राजपूत से 18 लाख रुपये की हीरा खरीद धोखाधड़ी में आरोपी मोहित को संरक्षण दिया। संगठन ने पुलिस पर रिश्वत लेकर मामले को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

सामाजिक और यातायात प्रभाव

देवास में चक्काजाम से इंदौर-भोपाल हाइवे पर 30 मिनट तक यातायात ठप रहा, जिससे यात्री, मालवाहक वाहन, और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुईं। हरदा में बायपास रोड पर शनिवार रात से शुरू हुआ प्रदर्शन रविवार सुबह तक चला, जिसने नर्मदापुरम, बैतूल, और खंडवा को जोड़ने वाले मार्गों को प्रभावित किया।

परिवहन विशेषज्ञ डॉ अजय शर्मा ने कहा, "चक्काजाम से न केवल यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि मालवाहक वाहनों और आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ता है। प्रशासन को तुरंत बातचीत शुरू करनी चाहिए।"

विपक्ष का हमला: "लोकतंत्र की हत्या"

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने हरदा और देवास की घटनाओं को BJP सरकार की नाकामी से जोड़ा है। जीतू पटवारी ने कहा, "हरदा में शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और देवास में चक्काजाम पर बल प्रयोग लोकतंत्र की हत्या है। BJP सरकार हक की आवाज को दबाना चाहती है।"

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