MP News: आदिवासी विधायक से सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने की बदसलूकी, VIDEO वायरल, बोला- तू जानता है मैं कौन हूं
MP News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने जिला अस्पताल के डॉक्टर पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है।
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विधायक ने खुद इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें वे आरोप लगा रहे हैं कि डॉक्टर ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया।

क्या है पूरा मामला?
कमलेश्वर डोडियार ने आरोप लगाया कि वे कुछ लोगों का इलाज कराने के लिए रतलाम जिला अस्पताल गए थे। वहां जब वे ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सीपीएम राठौर से मिले और कुछ मुद्दों पर बात की, तो डॉक्टर ने भड़कते हुए गाली-गलौज शुरू कर दिया। विधायक ने जब अपना परिचय सैलाना के विधायक के रूप में दिया, तो डॉक्टर ने कहा, "तू जानता है मैं कौन हूं?" इस दौरान अस्पताल में तनाव का माहौल बन गया और दोनों के बीच बहस बढ़ गई।

विधायक का वीडियो और सोशल मीडिया पर पोस्ट
विधायक ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने डॉक्टर की ओर से की गई गाली-गलौज और बदसलूकी को सार्वजनिक किया। डोडियार ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती उनके कुछ लोग ठीक से इलाज नहीं करवा पा रहे थे, और इसी वजह से वे डॉक्टर से बात करने गए थे।
पुलिस कार्रवाई
घटना के बाद, विधायक ने स्टेशन रोड थाने में डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले को पूरी तरह से सुलझाएंगे। इस मामले में अभी तक डॉक्टर की कोई सफाई सामने नहीं आई है।
यह मामला रतलाम जिले में चर्चा का विषय बन गया है और अब देखना होगा कि पुलिस जांच के बाद इस पर क्या कार्रवाई करती है।

सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 40 पलंग की व्यवस्था करने के लिए आयुक्त लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा तरुण राठी और सीएमएचओ आनंद चंदेलकर को पत्र लिखा है। यह पत्र गुरुवार को 'नसबंदी के लिए आई महिलाओं को बरामदे में सोना पड़ा' शीर्षक से प्रकाशित खबर पर प्रतिक्रिया स्वरूप लिखा गया है।
क्या है मुद्दा?
विधायक डोडियार ने पत्र में बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैलाना आदिवासी बहुल क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन के लिए प्रति दिन 40-50 महिलाएं पहुंचती हैं। हालांकि, स्वास्थ्य केंद्र में मात्र 12 पलंग की व्यवस्था है, जिससे ऑपरेशन के बाद महिलाओं को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विधायक के अनुसार, नसबंदी के बाद कई महिलाएं भूमि पर ही लेटने को मजबूर हो जाती हैं, क्योंकि अस्पताल में पलंग की संख्या बहुत कम है। इसके अलावा, कई बार ऑपरेशन के बाद एंबुलेंस से भी महिलाओं को उनके घर तक नहीं छोड़ा जाता है, जिससे उन्हें भारी असुविधा होती है। इस स्थिति के कारण नसबंदी के ऑपरेशन भी असफल हो सकते हैं।
विधायक का सुझाव
विधायक ने पत्र में अनुरोध किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैलाना में महिला नसबंदी ऑपरेशन के लिए पर्याप्त संख्या में 40 पलंग उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, ऑपरेशन थियेटर में आवश्यक साफ-सफाई और अन्य संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि महिला मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।












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