MP: बारिश का कहर, टापू बन गए शहर, उफन रहीं नदियां, पुलों पर आया पानी, सड़कों का संपर्क टूटा

सागर, 22 अगस्त। मानसून का सितम चरम पर हैं। बीते तीन दिन से लगातार और जोरदार रिकाॅर्डतोड़ बारिश के बाद नदियां गुस्से में दिख रही हैं, सीमाएं तोड़ रही हैं। किनारों को छोड़ बस्तियों का रुख कर रही हैं। चारों तरफ पानी ही पानी से लोग हलाकान हैं। सागर जिले का आसपास के कई हिस्सों से संपर्क कट गया तो संभाग के तीन जिलों में भी ऐसे ही हालात बने हैं। सबसे ज्यादा निचली बस्तियों और ग्रामीण इलाकों में लोग परेशान हैं। कई गांवों में तो नंदियां लोगों के घर के अंदर तक पहुंच चुकी हैं। लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है।

नदियों किनारे बसे गांव और बस्तियों में घरों के अंदर तक भर गया पानी

नदियों किनारे बसे गांव और बस्तियों में घरों के अंदर तक भर गया पानी

मानसून में तीसरे दौर की बारिश बुंदेलखंड इलाके में सितम ढा रहा है। नदी-नाले, बांध लगातार उफान पर रहने से जनजीवन खासा प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों का सड़क संपर्क कट चुका है। अंदरुनी रास्ते बारिश के कारण बंद हो चुके हैं। नदियों के किनारे बसे गांव और बस्तियों में तो घरों के अंदर तक पानी भर गया तो कई लोगों की घर और गृहस्थी का सामान तक बर्बाद हो गया है। लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर डेरा जमा रहे हैं। सबसे हैरत कि बाद सरकार और प्रशासन ने बीते 24 घंटों में लोगों को राहत दिलाने व बाढ़ के हालात से निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। केवल नदी-नालों के पुलों के आसपास बुलिस बल तैनात कर दिया है। सागर कलेक्टर दीपक आर्य निगमायुक्त व सीईओ को साथ लेकर तालाब के बंधान से निकले नाले के जलभराव क्षेत्र में निरीक्षण करने निकले हैं।

संभागीय मुख्यालय पर तालाब का नाला चढ़ा, आवागमन बंद

संभागीय मुख्यालय पर तालाब का नाला चढ़ा, आवागमन बंद

बारिश से कितने विपरीत हालात बन रहे हैं, इसकी बानगी संभागीय मुख्यालय सागर में ही देखने को मिल जाएगी। सागर झील के ओवरफ्लो होने के बाद स्लूज गेट से छोड़े जा रहे पानी व नालों के पानी के कारण मोंगा बंधान के नाले में भी बाढ़ आ गई। दोनों तरफ स्लम बस्तियों के बीच से निकले इस नाले की बाढ़ से लोग परेशान हैं। वहीं शीतला माता मंदिर के पास से नाले के पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। यहां बाढ़ के पानी के साथ आई गंदगी पुल की रेलिंग में फंस गई, जिसके बाद दोपहर में प्रशासन ने पानी कम होने के बाद जेसीबी से साफ कराया।

बीना का आसपास के इलाके से संपर्क खत्म

बीना का आसपास के इलाके से संपर्क खत्म

जिले के बीना में मोतीचूर नदी, बीना नदी, परासरी नदी लगातार बारिश से ऊफान पर आ गई हैं। इस कारण बीना का भानगढ़, मंडीबामौरा, देहरी आदि हिस्सों से संपर्क कट गया है। वहीं बीना में नई बस्ती में नदी का पानी भरने से बाढ़ के हालात बन गए। प्रशासन ने रात में ही बस्तियों के कई घरों को खाली कराया है। बीना इलाके में बीते 24 घंटे में 6 इंच के आसपास बारिश दर्ज की गई हैं। बीना नदी के भापससोन घाट के पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इसी प्रकार खुरई और राहतगढ़ के बीच पुल के ऊपर से नदियों का पानी आने से संपर्क टूट गया है। राहतगढ़-बेगमगंज मार्ग भी बंद हो गया। बीना नदी के झिलापुल पर 4 फीट पानी बह रहा है।

दमोह जिले में हटा, पटेरा मार्ग बंद

दमोह जिले में हटा, पटेरा मार्ग बंद

भारी बारिश के चलते ताल तलैया सहित नदी-नाले ऊफान पर हैं। नया गांव इलाके में तालाब फूटने से घरों में पानी भर गया। निचले इलाकों में जगह-जगह पानी भराव से बाढ़ जैसे हालात हैं। तेंदूखेड़ा इलाके में भी दर्जनभर गांव टापू बन गए हैं। हटा, पटेरा, पथरिया इलाके में कई गांवों में पानी भरने से विपरीत हालात हो गए हैं।

छतरपुर-टीकमगढ़ मार्ग बंद हो गया

छतरपुर-टीकमगढ़ मार्ग बंद हो गया

टीकमगढ़ इलाके में भारी बारिश के बाद धसान नदी उफान पर चल रही है। इस पर बने छोटे-बडे़ पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिस कारण टीकमगढ-छतरपुर मार्ग बंद हो गया है। धसान खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बान सुजारा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण खरीला के पास पुल से ऊपर से धसान बह रही है। केन नदी का जलस्तर भी बढ़ है। बिजावर से किशनगढ़ का संपर्क कट गया हैं बघा नाला उफान पर है और कुपी के पास ीाी नदी का पानी सड़क पर आ गया है।

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