'मेरी कोई भूमिका नहीं है...' प्रदीप मिश्रा और प्रेमानंद महाराज के बीच सुलह पर बोले कैलाश विजयवर्गीय
पिछले दिनों कथावाचक प्रदीप मिश्रा और प्रेमानंद महाराज के बीच राधा-रानी को लेकर मतभेद की स्थिति सामने आई थी, जिसके बाद अब यह स्थित सामान्य हो चुके हैं, जहां दोनों संतों के बीच बातचीत कर मामला सुलझाने के संकेत मिले हैं।
वहीं दोनों संतों के बीच सुलह का श्रेय कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को दिया जा रहा था, जिसके बाद अब विजयवर्गीय ने इससे साफ इंकार करते हुए इसमें उनकी किसी तरह की कोई भूमिका नहीं होने की बात कही है।

कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब प्रदीप मिश्रा और प्रेमानंद महाराज के बीच समझौते को लेकर प्रश्न पूछा गया तो इसका जवाब देते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि, मेरी इसमें कोई भूमिका नहीं है, आप लोगों ने इसे लंबी चौड़ी बना दी है। मुझे ये जानकारी मिली है की दोनों के बीच अच्छी बातचीत हो गई है। प्रेमानंद जी भी प्रसन्न हो गए हैं, उन्होंने अपना वीडियो सोशल मीडिया से हटा लिया है। संतों के बीच चले वॉक युद्ध के सवाल हो टालते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करुंगा, क्योंकी विद्वानों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
राधा रानी को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच अब कथा वाचक प्रदीप मिश्रा ने संत प्रेमानंद महाराज को फोन लगाया है, जहां दोनों ही संतों के बीच लंबी बातचीत हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदीप मिश्रा की ओर से लगाए गए फोन कॉल पर दोनों संतों के बीच लंबी बातचीत हुई है। कथावाचक प्रदीप मिश्रा की ओर से प्रेमानंद महाराज को लगाए गए फोन कॉल के दौरान प्रदीप मिश्रा ने अपना पक्ष रखा है, तो वहीं प्रेमानंद महाराज ने भी आवेश में आकर कहे गए शब्दों के लिए दुख व्यक्त किया है।
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