MP News: एमपी में होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: 6 साल से एक ही जगह पर पदस्थ अफसरों के तबादले की तैयारी
MP News: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार एक साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद प्रशासनिक सर्जरी करने वाली है। यह बदलाव आगामी दिनों में ही हो सकते हैं। सरकार द्वारा किए जा रहे इस प्रशासनिक फेरबदल में 15 आईएएस अफसरों के तबादले का प्रमुख असर देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस संबंध में तैयारी शुरू कर दी है और माना जा रहा है कि इन तबादलों के आदेश एक-दो दिन में जारी किए जा सकते हैं।

आईएएस अफसरों के प्रमोशन और तबादले की वजहें
इस प्रशासनिक सर्जरी में उन आईएएस अफसरों के तबादले हो सकते हैं, जो एक जनवरी को सचिव और अपर सचिव पद पर प्रमोट हुए हैं और वर्तमान में छोटे जिलों में पदस्थ हैं। ऐसे अफसरों को कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, या फिर उन्हें बड़े जिलों की कमान दी जा सकती है। इसके अलावा, जिला पंचायतों में सीईओ की भूमिका निभा रहे आईएएस अफसरों को भी कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर और अधिक प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।
सरकार के इन बदलावों का उद्देश्य प्रशासन में ताजगी लाना और अधिक सक्षम अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपना है। खासतौर पर उन कलेक्टरों और जिला पंचायत सीईओ के तबादले किए जाएंगे, जो दो साल से एक ही जिले में पदस्थ हैं। 8 कलेक्टर और 10 जिला पंचायत सीईओ ऐसे हैं, जिनके तबादले संभव हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण और तबादले पर रोक
चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम चल रहा था, जिसके कारण छह जनवरी तक कलेक्टरों के तबादलों पर रोक थी। अब जैसे ही मतदाता सूची का प्रकाशन हो गया है, सरकार कलेक्टरों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी कर सकती है।
कलेक्टरों की सूची, जो दो साल से एक ही जिले में पदस्थ
नए प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई कलेक्टरों के नाम सामने आए हैं, जो दो साल या उससे अधिक समय से एक ही जिले में पदस्थ हैं। इनमें से कई अधिकारी छह साल से भी एक ही स्थान पर तैनात हैं। निम्नलिखित कलेक्टरों के नाम इस सूची में शामिल हैं:
- सतेंद्र सिंह - कलेक्टर गुना
- नीरज कुमार सिंह - कलेक्टर उज्जैन
- स्वरोचिष सोमवंशी - कलेक्टर सीधी
- प्रवीण सिंह - कलेक्टर सीहोर
- अनुराग वर्मा - कलेक्टर सतना
- प्रतिभा पाल - कलेक्टर रीवा
- डॉ. राहुल हरिदास फटिंग - कलेक्टर बड़वानी
- अवधेश शर्मा - कलेक्टर टीकमगढ़
- सुभाष कुमार द्विवेदी - कलेक्टर अशोक नगर
- धरणेन्द्र कुमार जैन - कलेक्टर उमरिया
- अरविंद कुमार दुबे - कलेक्टर रायसेन
- नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी - कलेक्टर बैतूल
- केदार सिंह - कलेक्टर शहडोल
- राजेश बाथम - कलेक्टर रतलाम
यह बदलाव मध्य प्रदेश सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होगा और अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री के कार्यकाल के एक साल पूरा होने के साथ यह बदलाव राज्य की कार्यशैली में ताजगी और प्रभावशीलता का संकेत देगा।
6 साल से एक ही जगह पर जमे अफसर
एक ओर जहां सरकार प्रशासनिक सर्जरी के माध्यम से नए अधिकारियों को जिम्मेदारी देने की योजना बना रही है, वहीं छह साल से एक ही पद पर जमे कई अफसरों को इस प्रक्रिया के तहत बदला जा सकता है। इस सूची में प्रमुख नाम हैं:
- अशोक कुमार चौहान
- नियाज अहमद खान
- विनय निगम
- प्रीति जैन
इन अफसरों का कार्यकाल काफी समय से एक ही जिले या पद पर था, और अब राज्य सरकार इनकी नियुक्ति में बदलाव की संभावना पर विचार कर रही है।
चार साल से अधिक समय से एक ही जगह पर जमे अफसर
इसके अलावा, कुछ आईएएस अधिकारी ऐसे भी हैं जो चार साल से अधिक समय से एक ही पद पर कार्यरत हैं। इन अधिकारियों के नाम हैं:
- भावना वालिम्बे
- मल्लिका निगम नागर
- अरुणा गुप्ता
- शिवशेखर शुक्ला
- उषा परमार
- इन अधिकारियों के बारे में भी माना जा रहा है कि उनका स्थानांतरण हो सकता है, ताकि राज्य के प्रशासन में ताजगी और सुधार लाया जा सके।
तीन साल से अधिक समय से जमे अफसर
इससे भी आगे, कुछ अधिकारी ऐसे हैं जो तीन साल से अधिक समय से एक ही पद पर तैनात हैं। उनकी सूची में निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं:
- आरपीएस जादौन
- राजेश ओगरे
- राजेश कुमार कौल
- प्रबल सिपाहा
- मनीषा सेंतिया
- अर्चना सोलंकी
- अनय द्विवेदी
इन अधिकारियों को भी प्रशासनिक सर्जरी के दौरान नए कार्यभार सौंपे जा सकते हैं।
आईएएस अधिकारियों के प्रमोशन का असर
साल 2015-16 के आईएएस अधिकारियों को कलेक्टरी मिलने के अधिक चांस हैं। ऐसे अफसर जो प्रमोशन के बाद सचिव या अपर सचिव बन चुके हैं, उन्हें बड़े जिलों का कलेक्टर बनाने पर विचार किया जा सकता है। इन बदलावों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और कार्यक्षम बनाना है।












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