MP News: जयपुर में प्रदीप मिश्रा का बड़ा बयान, 10 रुपये की चाऊमिन और बाइक स्टंट से न बहकें बेटियां
Pradeep Mishra News: जयपुर के विद्याधर नगर में मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवमहापुराण कथा के चौथे दिन ऐसा तूफान मचाया कि पूरा पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। अपनी बेबाक शैली और रोचक अंदाज के लिए मशहूर प्रदीप मिश्रा ने लव जिहाद, बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और यहां तक कि पाकिस्तान से बदले जैसे मुद्दों पर खुलकर बोले।
उन्होंने बेटियों को चेतावनी दी कि "मोटरसाइकिल सुधारने वाले, 10 रुपये की चाउमीन खिलाने वाले और बॉडी दिखाने वाले" उनके जीवन को बर्बाद कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने ऐलान किया कि "पाकिस्तान से बदला जरूर लिया जाएगा, लेकिन जल्दबाजी में नहीं, बुद्धि से!"

लव जिहाद पर करारा प्रहार: '10 रुपये की चाउमीन और 60 रुपये का रिचार्ज'
प्रदीप मिश्रा ने अपनी कथा में बेटियों को लव जिहाद के खतरे से आगाह करते हुए कहा, "बेटियों, सावधान रहना! ये मोटरसाइकिल सुधारने वाले, दूसरों का पेट्रोल डलवाकर बाइक पर स्टंट दिखाने वाले, 10 रुपये की चाउमीन खिलाकर और अपनी बॉडी दिखाकर तुम्हें फंसाने की कोशिश करेंगे। थोड़ा सा फैशन देखा, 60-60 रुपये का दो-चार बार मोबाइल रिचार्ज करवाया, और तुम उनके लिए गाने लगीं-'तुम्हारे बिना चैन आता नहीं, तेरे सिवा कोई भाता नहीं!'" उनकी यह बात सुनकर पंडाल में मौजूद हजारों श्रोता ठहाकों और तालियों से गूंज उठे।
उन्होंने माता-पिता की भावनाओं को जोड़ते हुए कहा, "जिन माता-पिता ने तुम्हें चांद का टुकड़ा माना, तुम्हें पढ़ाने के लिए अपनी जमीन गिरवी रखी, मां ने अपने जेवर बेच दिए, जयपुर जैसे शहर में पढ़ने भेजा, उनके लिए तुम चांद थीं। लेकिन अब तुम्हें कोई दूसरा चांद का टुकड़ा पसंद आ रहा है? थोड़ा समझो, बेटियों! दोस्ती किसी से भी करो, पढ़ाई कहीं भी करो, लेकिन यह कह दो कि मेरे माता-पिता के बिना कुछ नहीं। जहां वे चाहेंगे, वही मेरा कन्यादान होगा। नहीं तो मेरे लिए सब धूल है।"
प्रदीप मिश्रा ने कन्यादान को हिंदू संस्कृति का सर्वोच्च सम्मान बताते हुए कहा, "कन्यादान का मौका भगवान उसी को देता है, जो हिम्मतवाला हो, जिसने कई यज्ञ-अनुष्ठान किए हों। जिनके घर बेटियां जन्म लेती हैं, वे भाग्यशाली हैं। कन्यादान करने वाले माता-पिता को पिंडदान की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए बेटियों, अपने माता-पिता को यह मौका दो। लव जिहाद के जाल में फंसकर अपने जीवन की सार्थकता को नष्ट मत करो।"
Pradeep Mishra: शिक्षा है बेटियों का सबसे बड़ा धन
प्रदीप मिश्रा ने बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए एक क्रांतिकारी बात कही, "दुनिया में एक महिला के लिए सबसे बड़ा धन उसकी शिक्षा है। जयपुर की इस पवित्र धरती पर मैं यह बात कह रहा हूं-बेटों को जितना पढ़ाना है पढ़ाओ, लेकिन बेटियों को उससे दोगुना पढ़ाओ। बेटी को ऐसा शिक्षा का दान दो कि उसे कन्यादान की जरूरत ही न पड़े। उसे अच्छे स्कूल-कॉलेज में पढ़ाओ, अच्छे संस्कार दो। स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, महाराणा प्रताप और शिवाजी जैसे महापुरुषों को जन्म देने वाली भी तो एक महिला ही थी।"
उन्होंने शिवमहापुराण का जिक्र करते हुए कहा, "कई लोग शिवमहापुराण को ठीक से समझे बिना उस पर आक्षेप लगाते हैं। लेकिन यह ग्रंथ नारी शक्ति का सम्मान सिखाता है। बेटियों को शिक्षित करो, सशक्त करो, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हों और किसी के बहकावे में न आएं।"
बचपन और 55 की उम्र में सावधानी
प्रदीप मिश्रा ने जीवन की दो महत्वपूर्ण अवस्थाओं पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा, "इंसान को दो उम्र में खास सावधानी बरतनी चाहिए। बचपन में कोई बात दिल में मत रखो, क्योंकि वह तुम्हारे भविष्य को प्रभावित कर सकती है। और 55 की उम्र में कोई बात दिमाग में मत रखो, क्योंकि वह तुम्हारी शांति छीन सकती है। कानों में कुंडल इसलिए पहने जाते हैं ताकि अच्छी बातें सुनो और बुरी बातों को बाहर ही निकाल दो।" यह सुनकर श्रोताओं ने जोरदार तालियां बजाईं।
उन्होंने यह भी कहा, "परमात्मा, माता-पिता और पत्नी पर कभी शंका नहीं करनी चाहिए। शंका इंसान के जीवन को नष्ट कर देती है। जहां शंका करनी हो, वहां करो, लेकिन इन तीनों पर भरोसा रखो।"
Pradeep Mishra: पाकिस्तान से बदला: 'युद्ध बम से नहीं, बुद्धि से जीता जाता है'
कथा के दौरान हिमालय और पार्वती के एक प्रसंग का जिक्र करते हुए प्रदीप मिश्रा ने पाकिस्तान के मुद्दे पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, "कई लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं-8 दिन हो गए, 10 दिन हो गए, पाकिस्तान से बदला कब लेंगे? अरे, बदला जरूर लिया जाएगा! लेकिन जल्दबाजी में नहीं। एक युद्ध बम और गोलियों से लड़ा जाता है, लेकिन दूसरा युद्ध बुद्धि से जीता जाता है। बदला लेने के लिए सिर्फ पराक्रम या वीरता नहीं, थोड़ी बुद्धि भी चाहिए।" यह सुनकर पंडाल में मौजूद लोग जोश से भर उठे और 'भारत माता की जय' के नारे गूंजने लगे।
प्रदीप मिश्रा का विवादों से पुराना नाता
प्रदीप मिश्रा की यह कथा और उनके बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब उनके बयानों ने हंगामा मचाया हो। इससे पहले जनवरी 2025 में सूरत में उन्होंने लव जिहाद पर बयान देते हुए कहा था, "गलत व्यक्ति के बंगले को देखकर फंसोगी तो फ्रिज में 41 टुकड़े मिलेंगे।" इस बयान पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी।
मार्च 2025 में उन्होंने AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा था, "डरपोक लोग पाकिस्तान चले गए, हम बहादुरों की संतान हैं।" इसके अलावा, अप्रैल 2025 में उन्होंने विपक्ष के 200 सांसदों को "हिंदू के नाम पर कलंक" बताया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी खूब आलोचना हुई।
हाल ही में, मई 2025 की शुरुआत में जयपुर में ही उनके एक अन्य बयान ने विवाद खड़ा किया। उन्होंने कहा था, "लड़कियों की नाभि शरीर की जड़ है, उसे ढककर रखो, जितना ढका रहेगा, उतनी सुरक्षा होगी।" इस बयान पर कुछ लोगों ने उन्हें आधुनिक समाज के लिए "जहर" करार दिया, जबकि कुछ ने उनके विचारों का समर्थन किया।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
कई यूजर्स ने उनके पाकिस्तान वाले बयान की तारीफ की। @BharatFirst99 ने लिखा, "पाकिस्तान को बुद्धि से जवाब देना होगा, जैसा पंडित जी ने कहा। भारत की ताकत उसकी रणनीति में है।" लेकिन @PeaceLoverIND ने इसे "भड़काऊ" करार देते हुए लिखा, "कथावाचक का काम आध्यात्मिकता फैलाना है, न कि युद्ध और बदले की बात करना।"
कथा का माहौल, भक्ति और जोश का संगम
विद्याधर नगर में आयोजित इस शिवमहापुराण कथा में हजारों श्रोता रोजाना पहुंच रहे हैं। पंडाल में भक्ति का माहौल है, लेकिन प्रदीप मिश्रा के सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर तीखे कमेंट्स ने कथा को और रोचक बना दिया है। उनके अंदाज की खासियत है कि वे पौराणिक कथाओं को आधुनिक संदर्भों से जोड़कर पेश करते हैं। चाहे वह हिमालय-पार्वती का प्रसंग हो या लव जिहाद की चेतावनी, उनकी बातें श्रोताओं के दिलों को छू रही हैं।
क्या है लव जिहाद का मुद्दा?
लव जिहाद एक ऐसा शब्द है, जिसे लेकर भारत में लंबे समय से बहस छिड़ी हुई है। हिंदू संगठनों का दावा है कि कुछ संगठित गिरोह हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाते हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में इसके खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं। मध्य प्रदेश में 2020 में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने लव जिहाद के खिलाफ कानून की घोषणा की थी। हाल ही में भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग के मामले ने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
प्रदीप मिश्रा जैसे कथावाचक अक्सर अपनी कथाओं में इस मुद्दे को उठाते हैं, जिससे उनके समर्थकों में जोश बढ़ता है, लेकिन आलोचक इसे सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक मानते हैं। उनके बयानों को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं कि क्या वे धार्मिक एकता को नुकसान पहुंचा रहे हैं?
प्रदीप मिश्रा कौन हैं?
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के कुबरेश्वर धाम से जुड़े पंडित प्रदीप मिश्रा देश के सबसे लोकप्रिय कथावाचकों में से एक हैं। उनकी शिवमहापुराण और रुद्राक्ष महोत्सव की कथाएं लाखों लोगों को आकर्षित करती हैं। हालांकि, उनके बयान अक्सर विवादों में रहते हैं। 2023 में उनके रुद्राक्ष महोत्सव के कारण इंदौर-भोपाल हाईवे पर 27 किमी लंबा जाम लग गया था, जिसके लिए उन्हें 1 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा गया था।
वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़े रहे हैं और सीहोर में RSS कार्यालय के लिए 7.51 लाख रुपये का दान दे चुके हैं। उनके भाई पर भी कुबरेश्वर धाम के पास दुकानदारों से उगाही के आरोप लगे थे। फिर भी, उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है।












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