MP News: MBA की डिग्री लेकर शुरू किया सूअर पालन का काम, लाखों कमाकर हुआ मालामाल
मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के गोगावां तहसील के ग्राम खेड़ी खानपुरा के 40 वर्षीय कैलाश गायकवाड़ ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत सुअर पालन व्यवसाय प्रारंभ कर बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए एक नई राह दिखाई है।
एमबीए की डिग्रीधारी कैलाश गायकवाड ने अपने पारम्पररिक व्यवसाय को नया रूप देने के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन से 23 लाख रुपये का ऋण लिया है। इस राशि का उपयोग कर उसने सुअर पालन फार्म बनाया है। इस फार्म में उसके द्वारा अधिक मास का उत्पादन करने वाली विलायती नस्ल के सुअरों का पालन किया जा रहा है।

वर्तमान में कैलाश के फार्म में 110 सुअर उपलब्ध है। अपने इस फार्म से कैलाश को हर माह औसतन 70 हजार रुपये की आय हो रही है और इससे वह दो अन्य लोगों को रोजगार भी दे रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा कैलाश को सुअर पालन संबंधी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। कैलाश का कहना है कि पढ़ लिखकर सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपना स्वयं का व्यवसाय करे तो बेरोजगार युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
मनरेगा श्रमिकों के लिए खुशखबरी
01 अप्रैल 2025 से मनरेगा योजना अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिकों को 261 रुपए की मजदूरी दी जाएगी जो वर्तमान में 243 रुपए थी। यह शासन के बजट नोटिफिकेशन में जारी किया गया है,। इससे मनरेगा अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिकों को अधिक मजदूरी प्राप्त होने से उनकी आय में वृद्धि होगी।
वर्तमान में खरगोन जिले में 191189 सक्रिय परिवारों के 293446 सदस्य पंजीकृत है। वर्ष 2024 25 में कुल 161560 श्रमिकों को 50 मानव दिवस का रोजगार दिया गया है। मनेरगा योजना से इन श्रमिकों को रूपए 123.27 करोड़ मजदूरी का भुगतान आधार लिंक खाता के माध्यम से किया गया है। जिले में मनरेगा के तहत 40 प्रतिशत महिला मजदूरों को रोजगार दिया गया।
कुलमिलाकर, देखा जाए तो मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के गोगावां तहसील के ग्राम खेड़ी खानपुरा के 40 वर्षीय कैलाश गायकवाड़ ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत सुअर पालन व्यवसाय प्रारंभ कर बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए एक नई राह दिखाई है।
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