सीहोर वाले पं प्रदीप मिश्रा बोले, अपराध और अनैतिकता सरकार नहीं, धार्मिक संस्कार रोक सकते हैं
सागर, 9 जून। संत और प्रसिद्ध शिव कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा सीहोर वालों का मानना है कि देश में बढते अपराधों और अनैतिकता पर सरकारें लगाम नहीं लगा सकती। इन्हें अच्छे धार्मिक संस्कार ही रोक सकते हैं। देश के महौल पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों और अन्य मीडिया में धार्मिक मुद्दों पर होने वाली बहसों में राजनीतिक लोगों के बजाया धर्म के जानकार लोगों को शामिल होना चाहिए तभी डिबेट की सार्थकता होगी और सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे।

मप्र के सागर में बीते 7 दिन से श्री ओम शिवमहापुरण कथा का आयोजन हो रहा है। सीहोर स्थित कुबरेश्वर धाम के संत व कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा यह कथा कर रहे हैं। बीते रोज उन्होंने कथा यजमान के निवास पर मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि संसार में होने वाले अपराधों के लिए कोई सरकार नहीं रोक सकती है। अपराध को यदि कोई रोक सकता है तो सत्संग, संकीर्तन और माता-पिता के संस्कार ही रोक सकते हैं।
घर में गीता पाठ होता तो अदालत में गीता की कसम नहीं खानी पडेगी
पं प्रदीप मिश्रा ने कहा कि बच्चों को धार्मिक संस्कार देना बहुत जरुरी हैं। यदि घर में बीता का पाठ होगा तो उस घर के बच्चों को अदालत में गीता पर हाथ रखकर कसम नहीं खानी पडेगी। उन्होंने कहा कि हमारे संस्कार और सनातन धर्म से ही देश में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को रोका जा सकता है।
डिबेट में वेद पुराण के अनुसार ही अपनी बात रखें
मीडिया में धार्मिक मुद्दों खासतौर से ज्ञानवापी और काशी, मथुरा के मामले को लेकर उन्होंने कहा कि बहस की सार्थकता ही नहीं होती, तक तक इनमें सभी धर्मों से जुडे लोगों न बुलाया जाए। राजनीतिक व्यक्ति धर्म से जुडे मुद्दों पर प्रमाणिक जानकारी नहीं रख सकता। इसमें जो भी बैठे धर्म का जानकार हो, वेद-पुरान, कुरान या अन्य ग्रंथों के अनुसार बात रखें। अनावश्यक बयानबाजी से किसी भी वर्ग के बीच स्थिति नहीं बिगडेगी, बल्कि जीवन का आनंद प्राप्त होगा।
बेटे के फेल होने की खबर फैलाने वालों पर मानहानी केस
पं प्रदीप मिश्रा ने का कि भोलेनाथ को बेलपत्री चढाने वाले मेरे वीडियो क्लिप को काट कर आधा-अधूरा चलाकर अफवाह फैलाई गई। मैंने पहले यह कहा कि पुराण कहते हैं कर्म प्रधान बनो, कर्म से हार जाओ तो देवों के देव महादेव पर विश्वास करके एक शहर वाला बेलपत्र उनके लिए अवश्य चढाएं। मेरे वीडियों को आधा दिखाकर मेरे बेटे राघवजी के बारे में अफवाह फैला दी कि वे फेल हो गए हैं। कुछ पत्रकारों के कहने के बाद मैंने अंकसूची जारी की थी कि मेरा बेटा पास है। यह विपक्षी और विरोधी लोगों द्वारा किया गया, जिनके खिलाफ मानहानि का केस भी लगा दिया है।












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