Panna Tiger Reserve: बाघिन लकवाग्रस्त, नर बाघ शावकों को शिकार की व्यवस्था कर रहा
टाइगर स्टेट मप्र में पन्ना टाइगर रिजर्व की दबंग बाघिन पी-234 की तबियत स्थित बनी हुई है। करीब 12 दिन पहले पता चला था कि उसके पीछे के पैरों को लकवा मार गया है। उसे इलाज के लिए भोपाल शिफ्ट किया था। उसकी तबियत में सुधार नजर नहीं आ रहा है। इधर जंगल में उसके दो शावकों को उनका पिता भोजन की व्यवस्था कर रहा है।
पन्ना टाइगर रिजर्व की रानी बाघिन पी-234 के लकवाग्रस्त होने के बाद उसे भोपाल के वन विहार में लाया गया था, यहां विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज चल रहा है। बीते चार दिन से इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो पाया। इधर पन्ना में उसके तीन माह के दो शावकों पर संकट आ गया। हालांकि पीटीआर का अमला उनकी देखरेख कर रहा है। बताया जा रहा है कि उनका पिता टाइगर आसपास ही मौजूद है जो शिकार की व्यवस्था कर रहा है।

पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार भोपाल के वन विहार में बाघिन का इलाज चल रहा है। उसके स्वास्थ्य में कोई खास सुधार नहीं आया है। शरीर से कई अलग-अलग सैंपल लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जंगल में उसके शावकों की सुरक्षा व देखरेख के लिए अमला तैनात किया गया है। जरूरत पड़ी तो जंगल में ही बने बाड़े में शावकों को शिफ्ट कर दिया जाएगा।












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