Panna Tiger Reserve: टाइगर टेरिटरी फाइट में बुजुर्ग बाघ T-7 की मौत
Panna Tiger Reserve के अकोला बफर जोन की बांधी बीट में बुजुर्ग नर बाघ T-7 मृत अवस्था में मिला है। उसके शरीर पर गहरे घाव थे। प्रबंधन शिकार की आशंका से इंकार कर रहा है। संभव है टेरेटोरियल संघर्ष में उसकी जान चली गई है।

टाइगर स्टेट मप्र (tiger state) में पन्ना टाइगर रिजर्व (Panna Tiger Reserve)से मंगलवार को दु:खद खबर सामने आई। यहां बाघों का परिवार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने वाले करीब 14 से 15 साल उम्रदराज बाघ की मौत हो गई। बाघ के शरीर पर गहरे और गंभीर घाव मिले हैं। आशंका है कि टेरेटरी को लेकर बाघों के आपसी संघर्ष में उसकी जान चली गई। वहीं दूसरे घायल बाघ की तलाश की जा रही है।
पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी अनुसार कोर एरिया में अकोला बफर जोन की बांधी बीट में उत्तर फॉरेस्ट में बाघ टी-7 का शव मिला है। सूचना के बाद मौके पर टाइगर रिजर्व के आला अधिकारी, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अधिकारी, डॉक्टर्स व डॉग स्क्वाड की टीम मौके पर पहुंची थी। इलाके में डॉग स्क्वाड की सर्चिंग में शिकार आदि की आशंका नहीं मिली है। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी में बाघ के शरीर पर कई निशान मिले हैं, जो दूसरे टाइगर से फाइट के दौरान टी-7 को लगे थे, यहीं उसकी मौत का कारण बने। इस बाघ को साल 2015 में भोपाल से पीटीआर लाया गया था। यहां बाघों की वंशवृद्धि में इस ताकतवर बाघ ने अहम रोल अदा किया है। बाघ का पीएम कराकर उसका बिसरा सैंपल लेकर शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पांच महीनों में 21 व मई में ही 6 बाघों की मौत से हड़कंप
टाइगर स्टेट का तमगा रखने वाले मप्र में बीते 5 महीनों में 21 बाघों की जान चली गई। इसमें मई महीने में ही 6 बाघों की मौतें हो चुकी हैं। अलग-अलग टाइगर रिजर्व में अलग-अलग कारणों बाघों की जान चली गई। मीडिया रिपोर्ट्स और विभागीय सूत्रों के अनुसार पन्ना के टी-7 बाघ को मिलाकर कुल 4 वयस्क व 2 शावकों की मौत हो चुकी है। बाघों की मौत से वन विभाग से लेकर एनटीसीए तक हड़कंप मचा है। खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान चिंतित नजर आ रहे हैं।












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