OPINION: पर्यावरण संरक्षण का ब्रांड एंबेसडर बना मध्य प्रदेश
MP News: मध्य प्रदेश आज दुनिया के मानचित्र पर पर्यावरण की रक्षा की दिशा में योगदान देने के लिए विख्यात हो गया है। इंदौर में एक दिन में 12 लाख से अधिक पेड़ लगाकर प्रदेश ने एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 'एक पेड़ मां के नाम' के आह्वान को मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार और राज्य की 7 करोड़ से ज्यादा जनता ने अपने समर्पण भाव से जीवंत कर दिखाया है।

एक दिन में सबसे ज्यादा पेड़ लगाने का विश्व कीर्तिमान
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से इसके कंसल्टेंट निश्चल बरोत ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को इसके लिए सर्टिफिकेट सौंपते हुए कहा कि 'इंदौर में 24 घंटे के अंदर 12 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए गए। इस गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का टाइटल था, 'एक टीम के द्वारा 24 घंटे के अंदर सबसे ज्यादा पेड़ लगाया गया।'

इंदौर ने असम का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया
उनके मुताबिक 'हमने इसे 13 जुलाई को शाम 7.3 बजे शुरू किया और आज शाम (14 जुलाई, 2024) 7.3 बजे तक जारी रखा। अच्छी बात ये है कि इंदौर ने 5 बजे शाम में ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले यह विश्व कीर्तिमान असम के नाम था। वहां 24 घंटे के अंदर 9,26,000 पेड़ लगाए गए थे।'

मध्य प्रदेश ने सदियों के लिए स्थापित किया कीर्तिमान
प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल विश्व पर्यावरण दिवस पर भारत और विश्व के लोगों से 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने का आह्वान किया था। आज मध्य प्रदेश ने इस दिशा में जो पहल करके दिखाया है, वह सदियों के लिए एक कीर्ति बन गया है।

पर्यावरण रक्षा की पहल करने वाला ब्रांड एंबेसडर बना मध्य प्रदेश
खासकर इंदौर शहर जो देश में अपनी स्वच्छता और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए मशहूर है, उसने दुनिया में मध्य प्रदेश को पर्यावरण रक्षा के ब्रांड एंबेसडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाकर दिखाया है।
मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की नई मिसाल
निश्चित तौर पर 24 घंटों के अंदर सबसे ज्यादा पेड़ लगाने का यह मिशन इसी वजह से सफल हुआ है, क्योंकि प्रदेश की जनता के सहयोग से मोहन यादव सरकार ने पर्यावरण की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए अपनी प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारकर दिखाया है।

दूरदर्शी सरकार का उदाहरण बना मध्य प्रदेश
प्रकृति के संरक्षण के लिए आयोजित इस महाभियान की सफलता ने यह भी दिखाया है कि अगर सरकारें दूरदर्शी हों, उसमें किसी नेक पहल के लिए जन-सहभागिता को सम्मिलित करने वाली सकारात्मक सोच हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
क्योंकि, ऐसे आयोजन तभी सफल हो सकते हैं, जब पूरा समाज एक इकाई के रूप में जुट जाता है। यह कीर्तिमान पर्यावरण के लिए तो अच्छा है ही, देश की एकता को भी मजबूती देने वाला है।
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