Opinion: सीएम शिवराज के राज में युवाओं को बंपर सरकारी नौकरी-रोजगार, गढ़ा जा रहा नया मध्य प्रदेश
Opinion: मध्य प्रदेश विकास की नई बुलंदियों को छू रहा हैं। कोई क्षेत्र अब अछूता नहीं। चाहे बेरोजगार युवाओं के सपने हो या फिर मां की कोख से लाड़ली के जन्म से लेकर उसकी शादी और घर बसाने का इंतजाम। सीएम शिवराज सिंह चौहान के राज में इस राज्य ने 'नए मध्य प्रदेश' की शक्ल ले ली हैं।
अतिशयोक्ति नहीं, लेकिन यह कहना इसलिए भी लाजमी है। क्योकि करीब डेढ़ दशक पूर्व पढ़े-लिखे नौजवानों को दूसरे राज्यों में नौकरी के भटकना पड़ता था। कोई हुनर रखने वालों अपनी जीविका चलाने अग्नि परीक्षा देना पड़ता था। पर अब तस्वीर बदल गई हैं। जो सरकार के वादों के साथ उभरी हैं।
हर कदम पर तमाम प्रतिस्पर्धाओं के बीच मध्य प्रदेश के युवाओं को अपने राज्य में ही नौकरी के अवसर मिल रहे हैं। वो भी सरकारी। जो इससे वंचित हैं, उनकों स्किल के हिसाब से बेहतरीन रोजगार के अवसर शिवराज सरकार मुहैया करा रही हैं। इससे जरुरतमंद हर नौजवान के चेहरों पर मुस्कान बिखर रही हैं।

हाल ही में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विभिन्न शासकीय विभागों में चयनित लगभग 2 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। जिस दौर में सरकारी नौकरी मिलना आसान न हो, उस दौर में मप्र सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने में अपना दम लगाए हैं।
15 अगस्त के पहले 1 लाख भर्तियां होंगी पूरी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के वादों और घोषणाओं पर यदि गौर करें तो प्रदेशभर में 1 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। इनमें से अभी तक 55 हजार भर्तियां हो चुकी हैं। शेष लगभग 50 हजार नियुक्तियां 15 अगस्त तक और करने का दावा किया गया हैं। ये सभी एक लाख बेरोजगार युवा राज्य शासन का हिस्सा बन जाएंगे। साथ ही सरकार के भरोसे का एक अध्याय और लिख जाएगा। नौकरी के अवसर मुहैया कराने वाले सरकार के मुखिया शिवराज की भी तमन्ना है कि मध्य प्रदेश सर्वश्रेष्ठ राज्य बनकर दूसरों के लिए प्रेरणा बनें।
जनता की सेवा गारंटी है नौकरी
लगातार नौकरी-रोजगार मुहैया करा रही शिवराज सरकार भी भावनाएं और साफ नियत भी झलकती नजर आ रही हैं। सार्वजनिक मंचों से कहा जा रहा है कि नौकरी पाने वाले युवा अपनी जिम्मेदारी को सिर्फ 'रोजगार' से न तौले। उनकी नियुक्ति जनता की सेवा की गारंटी हैं। अपने साथ जरुरतमंदों को आगे बढ़ाने की दिल में तड़प बनी रही। इसी संकल्प शक्ति के साथ जीते हुए हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाए। इससे नई पीढ़ी के मन में भी शासन तंत्र के प्रति आत्म-विश्वास बढ़ेगा और समृद्ध विकसित प्रदेश के सही मापदंड स्थापित हो सकेंगे।
हर क्षेत्र में आगे बढ़ता जा रहा MP
आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में पहले प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रूपए थी, जो अब बढ़ कर एक लाख 40 हजार रूपए हो गई है। मध्यप्रदेश की जीएसडीपी पहले 71 हजार करोड़ रूपए थी, जो अब बढ़कर 15 लाख करोड़ रूपए हो गई है। बिजली का उत्पादन 2900 मेगावॉट से बढ़ कर 28 हजार मेगावॉट हो गया है। चारों तरफ विकास और प्रगति के कार्य हो रहे हैं। रोजगार और कौशल, सिंचाई, शहरों के विकास, पेयजल, पंचायत, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, वन सहित हर दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने की अनंत संभावनाओं को पूरा करने में युवाओं का ही रिकॉर्ड योगदान सामने आया हैं।












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