वनइंडिया की खबर का असर, चुनाव आयोग ने सामूहिक विवाह सम्मेलन को दी छूट
वनइंडिया की खबर का हुआ असर, चुनाव आयोग नें सामूहिक विवाह सम्मेलन को दी आचार संहिता में छूट।
अशोकनगर, 4 जून। वनइंडिया की खबर का एक बार फिर से असर हुआ है। वनइंडिया द्वारा खबर दिखाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत किए जाने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन को छूट दे दी है। यह छूट सशर्त दी गई है। चुनाव आयोग ने इसके लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी है।

पिछले दिनों नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा होने के साथ ही नगरीय क्षेत्र में भी आचार संहिता लागू हो गई थी। इस वजह से नगर पालिका द्वारा आयोजित किए जाने वाले मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन भी निरस्त कर दिए गए थे। सामूहिक विवाह सम्मेलन निरस्त होने से विवाह जोड़े में बंधने वाले युवक-युवतियों के परिजन टेंशन में आ गए थे।
वनइंडिया ने प्रमुखता से दिखाई खबर
आचार संहिता लागू होने की वजह से निरस्त हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन की खबर को वनइंडिया ने प्रमुखता से दिखाया। साथ ही वनइंडिया ने उन सभी अभिभावकों की पीड़ा को भी बताया जो शादियां निरस्त होने की वजह से काफी परेशान हो उठे थे। वनइंडिया ने अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए सरकार तक परेशान परिवारों की बात पहुंचाई थी।
राघौगढ़ और मधुसूदनगढ़ में आयोजित होने जा रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन हो गए थे निरस्त
राघौगढ़ और मधुसूदनगढ़ में आयोजित होने जा रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन भी चुनाव आचार संहिता के लागू होने के बाद निरस्त हो गए थे। नगर पालिका ने इन आयोजनों को लेकर पूरी तैयारी कर ली थी। यहां तक कि शादी के बंधन में बंधने वाले जोड़ों को उपहार देने के लिए खरीदारी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन इससे पहले ही आचार संहिता लागू हो गई और नगरपालिका ने दोनों ही स्थानों पर होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन को निरस्त कर दिया था।
सामूहिक विवाह सम्मेलन को छूट मिलने से बेटियों के परिजनों के चेहरे पर आई खुशी
निर्वाचन आयोग द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित किए जाने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन को आचार संहिता में छूट दिए जाने की खबर जैसे ही बेटियों के परिजनों को लगी तो उनकी खुशी का ठिकाना ना रहा। आर्थिक तंगी की वजह से कई अभिभावक अपनी बेटियों का विवाह इन्हीं सामूहिक सम्मेलनों से करने वाले थे, लेकिन आचार संहिता लागू होने की वजह से उनकी उम्मीद टूट गई थी। अब आचार संहिता में सामूहिक विवाह सम्मेलन को छूट मिलने पर एक बार फिर से बेटियों के माता-पिता के चेहरे पर खुशी लौट आई है।
चुनाव आयोग ने तय की गाइडलाइन
चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित किए जाने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन को आचार संहिता में छूट तो दे दी है लेकिन इसके साथ ही चुनाव आयोग ने इसके लिए गाइडलाइन भी जारी की है। गाइडलाइन में चुनाव आयोग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है इस सम्मेलन के दौरान सरकार या नेताओं का कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया जाएगा ना ही इस सम्मेलन में स्थानीय नेता शामिल हो सकेंगे।












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