Navratri 2024: 2500 लोहे की कील पर लेटकर देवी आराधना, भक्ति का दिखा अनूठा नजारा
देशभर में नवरात्रि महोत्सव के दौरान माता रानी की भक्ति और शक्ति की आराधना का सिलसिला जारी है, जहां अलग-अलग तरीकों से माता रानी की भक्ति करते भक्त नजर आ रहे हैं। माता को प्रसन्न करने के लिए भक्त तरह-तरह के जतन कर रहे।
कुछ ऐसा ही माता के प्रति अगाध श्रद्धा देखने और अटूट विश्वास का नजारा राजगढ़ के समीप ग्राम अमोदीया में देखने को मिल रहा है, जहां एक भक्त 2551 लोहे की कील पर लेटकर माता की आराधना करते नजर आ रहे हैं।

राजगढ़ जिले के ग्राम अमोदीया में छोटा ऊंचा कोटड़ा धाम स्थित चंडी चामुंडा माता मंदिर में भक्त दयाराम कटारा निराहार रहकर 2551 लोहे की कील पर लेटकर माता की आराधना कर रहें है, माता रानी के भक्त की ये भक्ति चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां भक्त दयाराम की इस साधना को देखने के लिए क्षेत्र के लोग मंदिर पहुंच रहे है। देवी भक्त कटारा नवरात्रि के नौ दिन इसी तरह से निराहार रहकर माता की साधना करते हैं. देवी माता के प्रति अटूट श्रद्धा कटारा को शक्ति देती है. यही कारण है की, कटारा लोहे की करीब 2551 कील से बने बिस्तर पर लेटकर तथा अपने पेट पर ज्वार बोए हुए ज्योति कलश प्रज्वलित कर माता की साधन कर रहे, जो नवरात्रि के अंतिम दिन समाप्त होगी।
माता रानी के परम भक्त दयाराम कटारा नवरात्रि के नौ दिन तक सुबह और शाम को 2-2 घुट पानी पीकर निराहार रहते हैं. साथ ही वह पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ इस कठोर साधना को करते हैं। भक्त दयाराम की माने तो उन्हें माता रानी पर पूरा भरोसा है, जहां उनका कहना है कि उनकी माता के प्रति अटूट विश्वास है, इसलिए वे इस बार नवरात्रि में यह कठोर आराधना कर रहें है। वहीं अब माता रानी के भक्त की इस भक्ति को देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंच रहे हैं, जहां सभी माता रानी के भक्त की भक्ति की शक्ति को नमन कर रहे हैं.
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