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MP News: MPPSC फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती , 5.4 करोड़ की फीस डकार गए – जानिए कैसे टूटा लाखों का भरोसा

मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की आस लगाए लाखों युवाओं को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) भर्ती 2024-25 में भर्ती घोटाले जैसे हालात बनते जा रहे हैं।

पहले 120 पदों के लिए आवेदन मांगे, 5.4 करोड़ रुपए की फीस वसूली, फिर भर्ती रद्द कर दी गई। अब जून 2025 में सिर्फ 67 पदों की नई अधिसूचना निकली है - और उम्मीदवारों से फिर फीस भरने को कहा गया है।

MPPSC Food Safety Officer Recruitment 2024-25 Fees of Rs 5 4 crore posts cut from 120 to 67

क्या है पूरा मामला?

  • दिसंबर 2024: MPPSC ने फूड सेफ्टी ऑफिसर के 120 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया।
  • लगभग 1 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया। आवेदन शुल्क था:
  • सामान्य वर्ग: ₹500
  • आरक्षित वर्ग: ₹250
  • कुल जमा हुई फीस: 5.4 करोड़ रुपये (गैर-वापसी योग्य)
  • मार्च 2025: भर्ती रद्द कर दी गई। कारण बताया गया - केंद्र सरकार द्वारा पात्रता नियमों में बदलाव।
  • 23 जून 2025: MPPSC ने नई अधिसूचना जारी की - इस बार केवल 67 पद।
  • नई पात्रता शर्तें थोड़ी बदली हैं।
  • पुरानी फीस वापस नहीं की गई, और अब फिर आवेदन और फीस मांगी जा रही है।

    17 साल बाद आई भर्ती, फिर निराशा

    MPPSC ने 2008 के बाद पहली बार दिसंबर 2024 में फूड सेफ्टी ऑफिसर के लिए भर्ती अधिसूचना (Advt. No. 57/2024) जारी की थी, जिसमें 120 पदों की घोषणा की गई थी। इस भर्ती ने उन हजारों युवाओं में उम्मीद जगाई थी, जो खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। लगभग एक लाख उम्मीदवारों ने 540 रुपये प्रति आवेदन की दर से फीस जमा की, जिससे MPPSC ने 5.4 करोड़ रुपये की राशि एकत्र की।

    हालांकि, मार्च 2025 में केंद्र सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत पात्रता मानदंडों में संशोधन के कारण, MPPSC ने इस भर्ती को रद्द कर दिया। MPPSC के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) आर. पंचभाई ने बताया, "विभाग की मांग पत्र में उल्लिखित शैक्षणिक योग्यता और भारत सरकार की संशोधित अधिसूचना में असंगति थी, जिसके कारण भर्ती रद्द की गई।"

    इस रद्दीकरण ने उम्मीदवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। रायसेन की रिचा चौधरी (30) ने कहा, "मैं 17 साल की उम्र से इस भर्ती की तैयारी कर रही थी। फीस जमा की, किताबें खरीदीं, कोचिंग जॉइन की, लेकिन अब सब बेकार। मेरे परिवार वाले शादी का दबाव बना रहे हैं। मैं बेरोजगार हूं और अब शर्मिंदगी महसूस करती हूं।"

    मुरैना के रविंद्र सख्या ने बताया, "मैंने पांच साल से ग्वालियर में रहकर तैयारी की। पहली अधिसूचना ने उम्मीद जगाई, लेकिन अब फिर से फीस और नए सिरे से आवेदन? मैं मानसिक और आर्थिक रूप से थक चुका हूं।"

    नई अधिसूचना: 67 पद और दोबारा फीस

    23 जून 2025 को MPPSC ने नई अधिसूचना (Advt. No. 04/2025) जारी की, जिसमें 67 पदों के लिए भर्ती की घोषणा की गई। 11 जुलाई से 10 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस बार भी उम्मीदवारों को 250 रुपये (SC/ST/OBC/EWS/PwD) और 500 रुपये (अन्य श्रेणियों) की फीस जमा करनी होगी।

    पिछली फीस का रिफंड 15 मई से 30 मई 2025 तक उपलब्ध था, लेकिन कई उम्मीदवारों ने शिकायत की कि रिफंड प्रक्रिया जटिल थी और सभी को इसका लाभ नहीं मिला। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे ने तूल पकड़ा, जहां नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने ट्वीट किया: "5.4 करोड़ की फीस वसूलकर प्रदेश के युवाओं के भविष्य से फिर हुआ मज़ाक! अब 67 पदों के लिए फिर से फीस... यह कैसा सिस्टम है?"

    मध्य प्रदेश कांग्रेस का हमला

    मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया। उन्होंने कहा: "17 साल बाद आई भर्ती को रद्द कर दिया गया। 5.4 करोड़ रुपये की फीस वसूलने के बाद अब फिर से फीस मांगी जा रही है। यह मध्य प्रदेश की भयावह कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का सबूत है।"

    पटवारी ने सवाल उठाया: "क्या सरकार जानबूझकर युवाओं को निराश कर रही है? माता-पिता कर्ज लेकर बच्चों की कोचिंग और किताबों का खर्च उठाते हैं, लेकिन अंत में उन्हें सिर्फ निराशा मिलती है। जवाब और जिम्मेदारी, दोनों गायब हैं।"

    पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी इस मामले में सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा: "MPPSC की यह लापरवाही युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। सरकार को तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और रिफंड की प्रक्रिया को सरल करना चाहिए।"

    MPPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल

    MPPSC की इस गलती ने उसकी विश्वसनीयता को गहरी चोट पहुंचाई है। आलोचकों का कहना है कि केंद्र सरकार ने पात्रता मानदंडों में संशोधन फरवरी 2025 में किया था, लेकिन MPPSC ने इसे पहले क्यों नहीं देखा? OSD आर. पंचभाई ने सफाई दी कि "विभाग से पुष्टि के बाद ही रद्दीकरण का निर्णय लिया गया।" लेकिन उम्मीदवारों का गुस्सा इस बात पर है कि उनकी मेहनत, समय, और पैसा बर्बाद हुआ।

    उम्मीदवारों की ये मांगें

    • उम्मीदवारों और छात्र संगठनों ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
    • पिछली फीस का पूर्ण रिफंड: सभी उम्मीदवारों को 5.4 करोड़ रुपये की फीस तुरंत और बिना शर्त वापस की जाए।
    • पारदर्शी प्रक्रिया: नई भर्ती में पात्रता मानदंडों और चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता।
    • पदों की संख्या में वृद्धि: 120 से घटाकर 67 पद करना अन्यायपूर्ण है; पदों की संख्या बढ़ाई जाए।
    • प्रशासनिक जवाबदेही: ऐसी गलतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई।

    नई भर्ती का विवरण, MPPSC FSO भर्ती 2025 के लिए नई अधिसूचना के अनुसार:

    • पदों की संख्या: 67
    • आवेदन तिथि: 11 जुलाई 2025 से 10 अगस्त 2025
    • पात्रता: खाद्य प्रौद्योगिकी, डेयरी प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, या संबंधित क्षेत्र में स्नातक/स्नातकोत्तर/डॉक्टरेट डिग्री।
    • आयु सीमा: 21 से 40 वर्ष (1 जनवरी 2026 तक); आरक्षित वर्गों के लिए छूट।
    • चयन प्रक्रिया: OMR आधारित लिखित परीक्षा (400 अंक) और साक्षात्कार (50 अंक)।
    • वेतनमान: 36,200 रुपये से 1,14,800 रुपये प्रति माह।

    उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे mppsc.mp.gov.in पर आधिकारिक अधिसूचना देखें और आवेदन करने से पहले पात्रता मानदंडों की जांच करें।

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