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MP Weather News: मानसून की दस्तक में देरी, प्री-मानसून की बारिश और लू ने बढ़ाई बेचैनी, चलेगी तेज आंधी

MP Weather News: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आमद इस बार अपेक्षा से ज्यादा देरी से हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की गति पिछले 10 दिनों से महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में थमी हुई है, जिससे प्रदेश में इसकी दस्तक अब 10 जून के बाद ही संभावित मानी जा रही है।

इस विलंब ने जहां लोगों की बेसब्री बढ़ा दी है, वहीं प्री-मानसून की बेमौसम बारिश और लू ने मौसम को और अधिक असहज बना दिया है।

MP weather update Delay in arrival of monsoon pre-monsoon rain strong storm will blow

MP weather: बारिश और लू के बीच झूलता मध्य प्रदेश

प्रदेश में जून की शुरुआत बेहद असमान्य मौसम के साथ हुई है। शनिवार (7 जून) को इंदौर, नर्मदापुरम और बड़वानी समेत कई जिलों में आंधी और बारिश हुई, वहीं दूसरी ओर भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की हालत खस्ता कर दी। भोपाल में अधिकतम तापमान 41.2°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक था।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अभय शर्मा के अनुसार, "दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। लेकिन मानसून का आगे बढ़ना अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनी कमजोर स्थितियों की वजह से रुका हुआ है।"

8 जून: दक्षिण में बारिश, उत्तर में आग उगलता सूरज

रविवार को मौसम विभाग ने दक्षिणी मध्य प्रदेश के 8 जिलों - बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी - में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हवा की गति 60 किमी/घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

वहीं दूसरी ओर, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र समेत उत्तरी जिलों में लू का प्रकोप जारी रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 44-45°C तक जा सकता है।

9-10 जून: लू का चरम, मानसून की हलचल

9 और 10 जून को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना जिलों में लू के हालात खतरनाक स्तर तक पहुंच सकते हैं। दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। हालांकि, मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिणी जिलों में इसी दौरान मानसून से पहले की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जो बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश के रूप में देखने को मिलेंगी।

मानसून में देरी के कारण

IMD भोपाल की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया कि "अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की दोनों शाखाएं कमजोर पड़ी हुई हैं। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में मानसून की स्थिति स्थिर है। मध्य भारत में इसे पहुंचने में अभी और 3-4 दिन लग सकते हैं।" केरल में मानसून की शुरुआत 27 मई को समय से पहले हो चुकी थी, लेकिन मध्य और उत्तर भारत में इसकी गति धीमी पड़ गई।

क्या कहता है मानसून का संभावित रास्ता?

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून सबसे पहले बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह जबलपुर, भोपाल और इंदौर होते हुए ग्वालियर-चंबल की ओर बढ़ेगा। मानसून की पूर्ण सक्रियता 15 से 18 जून के बीच प्रदेशभर में देखने को मिल सकती है।

पिछले साल की तुलना में कमजोर शुरुआत

2024 में मानसून ने प्रदेश में 21 जून को दस्तक दी थी, लेकिन इस बार इसके 10 जून के बाद पहुंचने की संभावना है। पिछली बार भी पांढुर्णा, बालाघाट और सिवनी में सबसे पहले मानसून आया था।

किसानों और आम जनता को सुझाव

मौसम विभाग ने जनता से आग्रह किया है कि लू के समय घर में रहें, हल्के कपड़े पहनें, खूब पानी पिएं और जरूरी न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में पानी के निकास की व्यवस्था करें और खुले में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। आंधी और बारिश से पहले खेतों में फसल संरक्षण के उपाय अपनाएं।

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