MP में जलप्रलय से हाहाकार, सेना ने संभाला मैदान, रेस्क्यू ऑपरेशन ने पकड़ी रफ्तार

मध्य प्रदेश में इन दिनों भारी बारिश कहर बरपा रही है, जहां ग्वालियर के डबरा ब्लॉक के नॉन नदी के किनारे पर बसे ग्राम नुन्हारी में भारतीय थल सेना (आर्मी) द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है उक्त ग्राम चारों तरफ पानी से घिरे होने से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन कराया जा रहा है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मी के ब्रिगेडियर रैंक के सीनियर अधिकारी एवं उनकी पूरी टीम मुस्तैदी के साथ ऑपरेशन कर रहे हैं साथ में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, एसडीम डबरा, तहसीलदार बिलौआ एवं अन्य अधिकारी मौके पर उपस्थित है, एवं आर्मी अधिकारियों से सतत संपर्क में है एवं चर्चा कर रहे हैं।

Gwalior

जवानों की नाव को आते देख भावुक हो गई बिटिया

न तो पास में मोबाइल फोन था और न ही कोई दिशा सूचक। मुन्ना चाचा के इशारे पर नाव में पहुँचे एसडीआरएफ के जवान 18 निरीह जिंदगियों के संकट मोचन बन गए। यहाँ बात हो रही है एसडीआरएफ के जवानों द्वारा बिजौली क्षेत्र में किए गए सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की। वैसे तो संकट मोचन हनुमान जी हैं लेकिन आधुनिक युग में एसडीआरएफ़ के जवान भी जरूरतमंदों के लिए उम्मीद बनकर आते हैं। बाढ़ से प्रभावित बिजोली थाने के पाँच गाँवों में रातों रात पानी भर गया और जीवन संकट में आ गया।

जिला प्रशासन को सूचना मिली तो मौक़े पर कलेक्टर रूचिका चौहान ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शियाज़ के एम और एसडीएम मुरार अशोक चौहान के नेतृत्व में टीम मौके पर भेजी। साथ ही एसडीआरएफ़ व सेना की टीम भी भिजवाई। एसडीआरएफ़ की टीम के द्वारा बिलहेटी गाँव के बीरबल का पुरा से 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं आर्मी की टीम द्वारा खोदूपुरा गाँव से लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

शाम तक तहसीलदार दीपेश धाकड़ को सूचना मिली कि पारसेन गाँव के एक किसान परिवार का घर गिर गया है और उनके पास मोबाइल भी नहीं है। सुबह से कोई संपर्क नहीं हो रहा है। एसडीआरएफ़ की टीम के प्लाटून कमाण्डर अजय सिंह की टीम के ड्राइवर ख़ान, भानु तोमर, विजय दंडोतिया ने जब नाव को बाजरे के खेत से खींचते हुए किसान के घर के पीछे लगाया तो बेटी प्रियंका गुर्जर की नज़र पड़ी तो मुस्कुराने लगी। उसके बाद गिरे हुए मकान से एक अंधे दादा रामवीर गुर्जर उम्र-85 वर्ष, लकवाग्रस्त दादी 80 वर्ष मिली।

रामबरण की पत्नी रिंकी ने आने से मना कर दिया कि मेरी गाय को छोड़कर नहीं जाऊँगी लेकिन पुलिस व होम गार्ड के जवानों द्वारा समझाइश देने के बाद रामबरण व उसकी पत्नी आने को तैयार हुए। जब राहत दल पहुँचा तो खाना के लिए कंडे सुलगा रहे थे। उसके बाद एसडीआरएफ़ के नाव चालक ख़ान साब ने नदी की तेज धार से पार करते हुए निकाला।

सैनिक भानू व विजय ने जान की परवाह किए बिना नाव को बाजरा व धान के खेत से सुरक्षित निकाला और राहत की सांस दी। कलेक्टर चौहान भी टीम का उत्साहवर्धन करने मौके पर पहुँची। राहत कार्य में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।

ये भी पढ़े- Weather: सितंबर में बारिश का कोटा होगा पूरा, इस सिस्टम से झमाझम बरसेंगे बदरा

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+