रंग लाई वनइंडिया की पहल, NIT में एडमिशन के लिए तरस रहे एमपी टॉपर को मिली 75 हजार की मदद
सागर, 21 सितंबर। MP के सागर के एमपी टॉपर आयुष्मान ताम्रकार को NIT में प्रवेश के लिए आवश्यक फीस की व्यवस्था आखिरकार हो ही गई। आयुष्मान के पिता चौकीदार हैं और बेहद गरीब परिस्थितियों में परिवार पाल रहे हैं। वे अपने बेटे की 75 हजार एडमिशन फीस भरने में सक्षम नहीं थे। जब हर तरफ से निराश होकर वे हमारे पास आए तो वनइंडिया ने इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए आयुष्मान को मदद की दरकार के लिए खबर प्रकाशित की थी। इसका असर हुआ और महज चंद घंटो में ही शहर के समाजसेवियों ने उसे 40 हजार की मदद प्रदान कर दी। इधर किरकिरी के बाद जिला प्रशासन ने दोबारा मामले को संज्ञान में लिया और कलेक्टर ने आयुष्मान को 35 हजार रुपए का चेक प्रदान किया है।

सागर के मोहन नगर वार्ड में एक जर्जर से मकान में रहने वाले आयुष्मान ताम्रकार ने 10वीं और 12वीं में मध्यप्रदेश में टाॅप किया था। वह अपने पिता के साथ पहले हाथ ठेले पर बर्तन बेचता था। अब उसे पिता एक मैरिज गार्डन में चैकीदार कर महज 4 हजार में गुजर-बसर कर रहे हैं। आयुष्मान की तमन्ना नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) से बीटेक करने के लिए फार्म डाला था। उसकी दो मॉक काउंसिलिंग हो चुकी है। तीसरी काउंसिलिंग भोपाल में 23 सितंबर को होना है। उसके पहले उसे एडमिशन के लिए 75 हजार रुपयों की आवश्यकता है। जिसे दो किश्तों में आनलाइन जमा करना है। पहली किस्त 35 हजार रुपए की जमा होगी। एडमिशन फीस की रकम के लिए वह बीते रोज जनप्रतिनिधियों के पास मदद मांगने पहुंचा था, जिसके बाद उसे कलेक्टर के पास भेजा गया था, लेकिन उसे घुमा-फिराकर वापस भेज दिया गया था। कुल मिलाकर वह निराश होकर घर लौट आया था और एनआईटी में एडमिशन की इच्छा छोड़ दी थी।

वनइंडिया ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो मदद को उठे हाथ
आयुष्मान ने बीती रात वन इंडिया को अपने एनआईटी एडमिशन और इसके लिए आवश्यक 75 हजार रुपयों की समस्या व आर्थिक तंगी की समस्या बताई थी। वन इंडिया ने उसके परिवार से बात करते हुए उसकी समस्या को समझा और जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन की अनदेखी को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। चंद घंटों में खबर का असर हुआ और सागर के वरिष्ठ समाजसेवी इंजीनियर प्रकाश चौबे ने पहल करते हुए वनइंडिया से आयुष्मान की जानकारी ली और अपने मित्र व समाजसेवी संस्था सीताराम रसोई के सदस्यों से बात कर आयुष्मान की मदद के लिए तत्काल 40 हजार रुपए नकद मदद भिजवा दिए। सबसे अच्छी बात मदद करने वाले किसी भी सदस्य ने न आयुष्मान से बात की, न उससे मिले, बल्कि वन इंडिया के माध्यम से उसके घर पर मदद के तौर पर नकद राशि भिजवा दी है।
कलेक्टर ने खबर पर लिया संज्ञान और 35 हजार का चेक दिया
वन इंडिया की खबर के बाद जब शासन, प्रशासन की किरकिरी होने लगी और जनप्रतिनिधियों पर सवाल खड़े होने लगे, ऐसे में समाजसेवियों ने मदद को हाथ आगे बढ़ाया तो शाम को कलेक्टर कार्यालय की शाखा ने वन इंडिया से संपर्क कर आयुष्मान के बारे में जानकारी जुटाई और हमसे उसका मोबाइल नंबर लिया। जब उन्हें पता चला कि समासेवियों ने नकद राशि प्रदान की है तो आयुष्मान को कलेक्टर कार्यालय बुलाया गया और शाम कलेक्टर दीपक आर्य ने आयुष्मान को एडमिशन के लिए बाकी जरुरी रकम 35 हजार रुपए का चेक प्रदान कर दिया गया। आयुष्मान बहुत खुश है और एनआईटी में प्रवेश को लेकर काफी उत्साहित है। आयुष्मान उसके पिता विमल व मां ने वन इंडिया का अभार व्यक्त किया हैं।












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