Sagar: स्टेशन पर जन्मी बच्ची को मिला वीआईपी ट्रीटमेंट, सुरक्षा के साथ अस्पताल पहुंची, यहां मिल गया भाई
सागर, 30 सितंबर। मप्र के सागर रेलवे स्टेशन प्रबंधक को वायरलेस पर सूचना मिली कि जम्मू-तवी एक्सप्रेस ट्रेन में एक महिला तेज प्रसव पीड़ा से तड़प रही है, उसे मदद की आवश्यकता हैं। प्रबंधक ने तत्काल रेलवे अस्पताल और जीआरपी को सूचित कर महिला को स्टेशन पर उतरवाया था। महिला का स्टेशन पर ही प्रसव कराना पड़ा। बच्ची को पूरे अतियात व सुरक्षित तरीके से जीआरपी पुलिस की देखरेख में अस्पताल पहुंचाया। लाड़ली जब अस्पताल पहुंची तो ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो कोई वीआईपी पुलिस सुरक्षा के साथ आया हो। यहां उसकी मां ने एक और बच्चे को जन्म दिया।

सागर से होकर गुजरने वाली जम्मू-तवी एक्सप्रेस के एस-5 में छत्तीसगढ़ निवासी लक्ष्मी पति राकेश कश्यप निवासी जांजगीर चांपा सफर कर रही थी। अचानक उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। इसकी सूचना यात्रियों ने ट्रेन के स्टाफ को दी तो उन्होंने सागर स्टेशन प्रबंधन व जीआरपी को सूचित किया। जैसे ही ट्रेन सागर रुकी तत्काल लक्ष्मी और पति को नीचे उतारा गया। प्रसव पीड़ा इतनी तेज थी कि लक्ष्मी को अस्पताल पहुंचाना संभव नहीं था, जिस कारण प्लेटफॉर्म पर ही चादर, साड़ी से कवर कर महिलाओं की मदद से उसका प्रसव कराया गया। उसने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। जीआरपी पुलिस ने उसे एंबूलेंस व पुलिस वाहन की सुरक्षा व एहतियात के साथ जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में भर्ती कराया। महिला यहां भी तेज प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी, बताया गया कि उसके गर्भ में एक बच्चा और है।

अस्पताल पहुंचने के बाद भाई भी मिल गया
अस्पताल में प्रसव के बाद लक्ष्मी ने स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया है। हालांकि एहतियात के तौर पर उन्हें एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जीआरपी पुलिस के जवान अस्पताल में मौजूद रहे और दोनों को सुरक्षित भर्ती कराकर ही वापस लौटे। मामले में स्टेशन प्रबंधक ने अहम भूमिका अदा करते हुए उनका सागर उताकर सुरक्षित प्रसव कराने और जीआरपी को मदद करने के लिए बोला था।












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