MP: कद्दावर मंत्री के इलाके में मूंग खरीदी घोटाले की आशंका, उपज से दोगुनी मूंग की हो गई खरीदी
सागर, 19 सितंबर। मप्र में समर्थन मूल्य पर किसानों से उपज खरीदी को लेकर शिकायतें तो जब-तब सामने आती रहती हैं, लेकिन इसमें बड़े-बड़े खेल भी चलते रहते हैं, जो सामान्य लोग समझ भी नहीं पाते। खेती-किसानी, मंडी और समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र से जुड़ा पूरा एक गिरोह काम कर रहा है। यह किसानों से ठगी तो करते ही हैं, शासन को भी अमानक उपज खपाकर चूना लगाते हैं। पीडब्ल्युडी मंत्री गोपाल भार्गव के विधानसभा क्षेत्र रहली के चांदपुर समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर अमानक, घटिया व मिलावटी मूंग खरीदी का मामला सामने आया है। इसमें सबसे हैरत की बात जो सामने आई है, उसमें इलाके में मूंग का इतना रकबा नहीं था, जिनती मूंग इस केंद्र ने खरीद ली है।
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खरीदी केंद्रों के माध्यम से शासन को लगाया जा रहा चूना
जिले में कई समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र के प्रभारी संचालक राजनीतिक रसूख रखते हैं। इसी कारण यहां किसानों से ठगी और घटिया माल खरीदकर शासन को चूना लगाया जाता हैं। रहली के चांदपुर खरीदी केंद्र में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया हैं। यहां के गोदाम में वर्तमान में करीब पांच सौ क्विंटल मूंग भरी पड़ी है। यहां जब मीडिया पहुंची तो मौके पर गुणवत्ताहीन मूंग का करीब 500 क्विंटल का स्टाक भरा पड़ा था। मौके पर खुली रखी मूंग में कचरा, मिट्टी मिली हुई थी। हाथ में उठाने पर मूंग की घटिया क्वालिटी साफ नजर आ रही थी।

5 ट्रकों बेयर हाउस के बाहर दो दिन से खड़े, माल लेने से इंकार
चांदपुर समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र से साईंखेड़ा बेयर हाउस में जमा करने के लिए पांच ट्रक में भरकर मूंग भेजी गई थी। लेकिन मूंग की अमानक क्वालिटी होने के कारण बेयर हाउस प्रबंधन ने इसे लेने से इंकार कर दिया है। बीते पांच दिन से मूंग के स्टाक से भरे यह 5 ट्रक बेयर हाउस के बाहर ही खड़े हैं। मामले में केंद्र प्रभारी रमेेश तिवारी ने इनको वापस माल लाने से इंकार करते हुए ड्राइवरों से कहा है कि यदि वापस लाए तो वापसी का भाड़ा नहीं देंगें। ड्राइवर और ट्रक का स्टाफ परेशान हो रहा है।

एसडीएम व मॉर्कफेड अधिकारी ने जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी
अमानक मूंग खरीदी के मामले में मॉर्कफेड की जिला अधिकारी राखी रघुवंशी व रहली एसडीएम जितेंद्र पटेल ने मूंग खरीदी में गड़बड़ी की शिकायतो को लेकर मौके पर पहुंचकर जांच कराई थी। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि इस दौरान अधिकारियों को जांच में सहयोग नहीं किया गया था। उन्हें राजनीतिक पहुंच दिखाने की बातें भी सामने आई हैं, हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकी। बहरहाल जांच प्रतिवेदन तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर के पास भेजा गया है।

चांदपुर इलाके में मूंग का रकबा कम, दोगुनी खरीदी हो गई
रहली, चांदपुर व आसपास के इलाके में किसानी पर खासी जानकारी रखने वाले संजय दुबे बताते हैं कि चांदपुर खरीदी केंद्र काफी लंबे समय से गड़बड़ियों को लेकर चर्चाओं में रहता रहा है। संजय के अनुसार चांदपुर खरीदी केंद्र के अधीन आने वाले किसानों ने यहां इतनी तादाद में मूंग की खेती ही नहीं की थी, जिनती मूंग समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र ने खरीद ली है। यहां लोग मूंग की कम रकबे में ही खेती करते हैं। आशंका है कि समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र प्रभारी ने यहां के किसानों के नाम पर बाहर के इलाकों से घटिया मूंग खरीद ली हो।












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