OPINION: जन भावना के सम्मान के लिए मध्य प्रदेश सरकार का ऐतिहासिक कदम
MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने 17 धार्मिक शहरों में शराब पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लेकर राज्य के लाखों लोगों के मन की मुराद पूरी कर दी है। एक कल्याणकारी सरकार का मतलब ही यही है कि वह जन-भावनाओं को सबसे ऊपर रखे, क्योंकि आखिरकार उसी के प्रति उसका उत्तरदायित्व है; और जिस चीज से जनता ही परेशान हो रही हो, उसे जारी रखना कतई उचित नहीं है।
24 जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने यह निर्णय लेकर जनता की बहुत पुरानी इच्छा पूरी की है। शराब के चलते धर्म स्थलों की छवि को बट्टा लगाने वाले असामाजिक तत्वों को राज्य सरकार के इस कदम से जरूर झटका लग सकता है।

MP News: मोहन यादव सरकार किया जन भावना का सम्मान
प्रभावित शहरों में आस्था और शिक्षा की नगरी उज्जैन के निवासियों को भी बड़ा सुकून मिला है। उनका मानना है कि इससे अपराध कम होंगे और युवाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। दतिया में मां पीताम्बरा पीठ के भक्तों की भी यही भावना दिख रही है। राज्य सरकार ने जिस तरह से राजस्व के नुकसान की परवाह न करके, सिर्फ जनहित और जन-इच्छा को प्राथमिकता दी है, वह एक कल्याणकारी राज्य होने का दावा करने वाली हर राज्य सरकार के लिए एक नजीर की तरह है।

MP News: नारी शक्ति का मोहन यादव सरकार ने बढ़ाया मान
लोग इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी सर्वोत्तम पहल मान रहे हैं। क्योंकि, शराब से पीड़ित होने वालों में अधिकांश महिलाएं ही होती हैं, जिन्हें घर से बाहर तक शराबियों की उदंडता का सामना करना पड़ता है। इस फैसले से प्रदेश की महिलाओं में जिस तरह का उत्साह है, उसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है, क्योंकि इससे उनके पूरे परिवार का कल्याण जुड़ा है। शराब की वजह से वह आर्थिक रूप से भी प्रताड़ित होती हैं और कई बार उन्हें घरेलू हिंसा का भी शिकार होना पड़ता है।

MP News: प्रदेश के बड़े हिस्से में शराबबंदी से निकला शांति का पैगाम
यह प्रतिबंध पूरे मध्य प्रदेश में विभिन्न प्रकार के नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और ग्राम पंचायतों को प्रभावित करेगा। इन शहरों में उज्जैन नगर निगम, दतिया, पन्ना, मंडला, मुलताई, मंदसौर और मैहर जैसी नगर पालिकाएं; नगर परिषदें जैसे ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, ओरछा, चित्रकूट और अमरकंटक; सलकनपुर, बरमान कला, लिंगा, बरमान खुर्द, कुंडलपुर और बांदकपुर जैसी ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

MP News: जन-कल्याण के प्रति समर्पित मध्य प्रदेश सरकार
राज्य सरकार ने इस दमदार फैसले से एकसाथ धार्मिक, सामाजिक, विधि-व्यवस्था समेत की क्षेत्रों को संदेश देने का प्रयास किया है। इसीलिए अगर कहें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह ऐतिहासिक फैसला लेकर शराब की खपत से जुड़ी सामाजिक और धार्मिक चिंताओं को दूर करने की दिशा में अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की है तो यह पूरी तरह से उचित है।

यह नीतिगत निर्णय मध्य प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी प्राप्त करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है,जिसमें सामाजिक कल्याण के सभी पहलुओं के साथ-साथ इन क्षेत्रों से जुड़ी धार्मिक भावनाओं पर भी विचार किया गया है।













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