Betul Lok sabha: बैतूल में सांसद लापता और जनता परेशान, कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम ने किया जीत का दावा
बैतूल जिला, मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण और आदिवासी इलाका है। यहां के बड़े हिस्से में किसान और मजदूर वर्ग निवास करता है, लेकिन रोजगार के अभाव के कारण लोगों को पलायन करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में विकास के अभाव के चलते आदिवासी समुदाय को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम ने इस समस्या को उठाते हुए आरोप लगाया है कि सांसद लापता है और जनता परेशान है। उनके अनुसार, आदिवासियों का पलायन हो रहा है और क्षेत्र में कोई भी उद्योग नहीं लगा है। वह यह भी दावा करते हैं कि ट्रेनों के स्टापेज की मांग लंबे समय से चल रही है, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।

टेकाम ने बताया कि बैतूल लोकसभा सीट में आदिवासी वर्ग का भारी हिस्सा है, लेकिन उन्होंने इस क्षेत्र में विकास के कदम नहीं उठाए गए। लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है और समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी भी नहीं हो पा रही है। कोल माइंस के बंद हो जाने से पावर हाउस बंद होने की संभावना है और बेरोजगारी बढ़ रही है।
विधानसभा चुनाव 2023 में हुई कांग्रेस की हार को लेकर रामू टेकाम ने बताई ये बड़ी वजह
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विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की करारी हार क्यों हुई इस सवाल के जवाब में रामू टेकाम ने वन इंडिया से कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र किसानों के गेहूं की खरीदी 2700 रुपए थी, प्रत्येक परिवार को 450 सो रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई, इसके अलावा लाडली बहनों के खाते में₹3000 राशि देने की बात कही गई। अब तो लोकसभा चुनाव आ गए हैं लेकिन अब तक भाजपा की मोहन सरकार ने कोई भी वादा पूरा नहीं किया है। हमारे प्रदेश की भोली-भाली जनता पिछले चुनाव में उनकी झूठी बातों में आ गई, लेकिन अब लोकसभा चुनाव में आम जनता भाजपा सरकार को जवाब देगी।
वहीं लगातार कांग्रेस पार्टी छोड़ रहे नेताओं को लेकर रामू टेकाम ने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं पर लगातार ईडी और सीबीआई के छापे मारकर उन्हें डराया जा रहा है, इसी से प्रभावित होकर कुछ नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के विचारधारा बहुत बड़ी है। देशभर में करोड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता अभी भी कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं।
बैतूल सांसद का नाम नहीं सुना: कमलनाथ
पूर्व सीएम कमलनाथ ने एक सभा के दौरान बताया कि बैतूल लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का सांसद 30 साल से हैं। उन्होंने कहा, "मैं भी 40 साल सांसद रहा, लेकिन मैंने कभी उसका नाम नहीं सुना और नहीं देखा। यह सांसद कैसा है?
भाजपा ने फिर से दुर्गादास उइके पर जताया भरोसा
बैतूल लोकसभा सीट पर आदिवासी वर्ग के मतदाताओं का प्रभाव होता है। इस सीट से भाजपा ने दोबारा दुर्गादास उइके पर भरोसा जताया है, जबकि कांग्रेस ने यहां से रामू टेकाम को मैदान में उतारा है। यहां के आदिवासी मतदाता ही प्रत्याशियों के भाग्य विधाता हैं।
बता दे महाराष्ट्र की सीमा से सटी यह सीट कभी कांग्रेस का गढ़ रही है, लेकिन जब भाजपा ने यहां 1996 में स्थानीय को टिकट दिया तो जनता ने उसे विजयी बना दिया। 28 सालों से यह सिलसिला बरकरार है। आठ विधानसभा वाली इस संसदीय सीट में चार विधानसभा एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। बैतूल लोकसभा में मोदी की गारंटी, पिछले 10 सालों में बिछे सड़कों के जाल, कृषि आधारित उद्योग, 600 बिस्तर का अस्पताल, मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा के दुर्गादास उइके मैदान में है। यहां मोदी की गारंटी ही बड़ा फैक्टर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 24 अप्रैल को हरदा में सभा है, जिससे भाजपा यहां आत्मविश्वास बढ़ गया है।
इस लाेकसभा में 8 विधानसभा सीटें, जिनमें 6 पर भाजपा, 2 पर कांग्रेस
इस लोकसभा के अंतर्गत आने वाली बैतूल, आमला, घोड़ाडोंगरी, भैंसदेही, हरसूद और मुलताई विधानसभा सीट भाजपा ने जीती थी। हरदा और टिमरनी सीटें कांग्रेस ने जीती थी। गौरतलब है कि बैतूल लोकसभा इस सीट पर स्वतंत्रता के बाद से तीन बार परिसीमन हुआ।
बसपा उम्मीदवार की मौत की वजह से तीसरे चरण में हो रहा चुनाव
बैतूल लोकसभा का चुनाव पहले 26 अप्रैल को होना था, जो बसपा प्रत्याशी के निधन की वजह से स्थगित हो गया था। इस सीट पर अब तीसरे चरण में 7 मई को चुनाव होना है। बसपा ने यहां से अशोक भलावी के बेटे अर्जुन भलावी को टिकट दिया है।












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