MP Kisan News: किसानों के लिए जरूरी खबर: धान खरीदी और गेहूं उपार्जन का पंजीयन, 23 जनवरी तक करें ये काम
MP Kisan News: मध्य प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान का उपार्जन जारी रखा है। अब तक प्रदेश में 6 लाख 61 हजार 777 किसानों से 42 लाख 95 हजार 161 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।
इस अभियान के तहत धान का उपार्जन 23 जनवरी 2025 तक जारी रहेगा। उपार्जन प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक किया जाएगा।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)
इस बार धान के दो प्रकारों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल और धान ग्रेड-ए का समर्थन मूल्य 2320 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज इन्हीं दरों पर खरीदी जा रही है।
भुगतान प्रणाली
धान की खरीदी के बाद किसानों को भुगतान उनके आधार लिंक्ड बैंक खातों में किया जा रहा है। अब तक किसानों के बैंक खातों में 7855 करोड़ 98 लाख रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है। यह भुगतान पंजीकरण के दौरान आधार नंबर से लिंक किए गए बैंक खातों में किया जाता है।
धान परिवहन और मिलर्स को भेजना
अब तक खरीदी गई धान में से 38 लाख 18 हजार 332 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है, जबकि कुल 11 लाख 79 हजार 448 मीट्रिक टन धान मिलर्स को भेजी जा चुकी है।
किस जिले में कितनी खरीदी हुई, प्रदेश के विभिन्न जिलों में अब तक की धान खरीदी की स्थिति इस प्रकार है:
- बालाघाट - 5 लाख 47 हजार 336 मीट्रिक टन
- कटनी - 4 लाख 10 हजार 746 मीट्रिक टन
- सतना - 3 लाख 99 हजार 01 मीट्रिक टन
- जबलपुर - 3 लाख 76 हजार 76 मीट्रिक टन
- रीवा - 3 लाख 47 हजार 486 मीट्रिक टन
- सिवनी - 2 लाख 98 हजार 792 मीट्रिक टन
- मंडला - 2 लाख 942 मीट्रिक टन
- शहडोल - 1 लाख 96 हजार 737 मीट्रिक टन
- पन्ना - 1 लाख 70 हजार 543 मीट्रिक टन
- मैहर - 1 लाख 68 हजार 200 मीट्रिक टन
- नर्मदापुरम - 1 लाख 65 हजार 152 मीट्रिक टन
- सिंगरौली - 1 लाख 44 हजार 30 मीट्रिक टन
- उमरिया - 1 लाख 28 हजार 750 मीट्रिक टन
- सीधी - 1 लाख 26 हजार 950 मीट्रिक टन
- मऊगंज - 97 हजार 491 मीट्रिक टन
- अनूपपुर - 97 हजार 420 मीट्रिक टन
- दमोह - 82 हजार 875 मीट्रिक टन
- नरसिंहपुर - 76 हजार 458 मीट्रिक टन
- डिंडोरी - 76 हजार 348 मीट्रिक टन
- रायसेन - 58 हजार 25 मीट्रिक टन
- बैतूल - 46 हजार 805 मीट्रिक टन
- सीहोर - 40 हजार 715 मीट्रिक टन
- सागर - 18 हजार 777 मीट्रिक टन
- छिंदवाड़ा - 12 हजार 690 मीट्रिक टन
- भिंड - 2 हजार 396 मीट्रिक टन
- विदिशा - 1502 मीट्रिक टन
- हरदा - 1361 मीट्रिक टन
- शिवपुरी - 1246 मीट्रिक टन
- मुरैना - 237 मीट्रिक टन
- अलीराजपुर - 56 मीट्रिक टन
- झाबुआ - 18 मीट्रिक टन
प्रदेशभर में किसानों से धान की खरीदी जारी है और इस बार भी सरकार ने समर्थन मूल्य पर किसानों को राहत देने का प्रयास किया है।
समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु पंजीयन 31 मार्च तक
मध्य प्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसान अब 31 मार्च 2025 तक गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन करा सकते हैं।
पंजीयन की प्रक्रिया
किसान अब अपने मोबाइल से एमपी किसान एप के माध्यम से घर बैठे पंजीयन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था विभिन्न स्थानों पर की गई है, जिनमें शामिल हैं:
- ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्र
- तहसील कार्यालयों में सुविधा केंद्र
- सहकारी समितियों और विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्र
- एमपी किसान एप
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)
- भारत सरकार ने 2025-26 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। यह किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, ताकि वे अपनी उपज को बेहतर मूल्य पर बेच सकें।
- आवश्यक दस्तावेज़
- किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधित दस्तावेज़, आधार कार्ड, और अन्य फोटो पहचान पत्र का समुचित परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, पंजीयन के समय बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी भी जरूरी होगी।
- पंजीयन में आवश्यक निर्देश
- आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में समस्या होने पर, पंजीयन में दिए गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा।
- अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते, फिनो, एयरटेल, पेटीएम जैसे बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे।
- पंजीयन की बेहतर सेवा सुनिश्चित करने के लिए, किसानों को अपने आधार नंबर, बैंक खाता, और मोबाइल नंबर को लिंक कराकर अपडेट रखना होगा।
- पंजीयन के दौरान 1 रुपये का ट्रांजेक्शन भी किया जाएगा ताकि आधार लिंक बैंक खाते का सत्यापन किया जा सके।
- पंजीयन के लिए आधार कार्ड का वेरिफिकेशन करना अनिवार्य होगा, जो OTP या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जाएगा।
- पंजीयन तभी मान्य होगा जब भू-अभिलेख में दर्ज नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम मेल खाते हों। यदि नाम में कोई विसंगति हो तो तहसील कार्यालय से सत्यापन कराया जाएगा।
- इस प्रक्रिया का उद्देश्य
- पंजीयन की इस प्रक्रिया से किसानों को आसानी से उनके उपार्जन का भुगतान किया जा सकेगा और उनकी उपज को अधिकतम मूल्य मिल सकेगा। यह पंजीयन किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है, ताकि वे सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेच सकें।












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