MP News: गेहूं उपार्जन के लिए किसान कर सकते हैं ऑनलाइन पंजीयन, घर बैठे होगा ये काम
मध्यप्रदेश में खरीफ मौसम 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य पर होने वाले गेहूँ उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। पंजीयन की प्रक्रिया अत्यंत आसान है। किसान भाई घर बैठे भी या किसी कियोस्क के माध्यम से ऑनलाइन अपना पंजीयन करा सकते हैं।
ऑनलाइन पंजीयन कराने के लिये MP Euparjan की अधिकारिक वेबसाइट https://mpeuparjan.mp.gov.in पर जाकर रबी 2025-26 पर क्लिक करना होता है। यहाँ पर क्लिक करने से एक नया पेज खुलता है। जिस पर किसान पंजीयन/एप्लीकेशन पर क्लिक करना होता है।

कुछ ऐसी है पूरी प्रोसेस
इस पर पंजीयन फार्म खुलेगा, जिसमें सभी आवश्यक जानकारी जैसे जिला, समग्र आईडी, मोबाइल फोन नम्बर, फसल का नाम, खसरा, आधार नम्बर, बैंक खाता इत्यादि जानकारी भरना होगी। सभी जानकारी भरने के बाद अच्छी तरह जाँच लेना चाहिए। इसके बाद सबमिट का बटन दबाकर सेव करना होता है। सफलतापूर्वक पंजीयन होने सूचना मोबाइल फोन नम्बर पर प्राप्त हो जाती है।
यह दस्तावेज संलग्न करने होंगे
पंजीयन के लिये समग्र आईडी की प्रति, आधारकार्ड, आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज/राजस्व अभिलेख (खसरा) एवं सिकमी एवं वन पट्टाधारी किसानों को वन पट्टा एवं सिकमी अनुबंध की प्रति संलग्न करना होगी।
पूर्व से पंजीकृत किसानों को रबी विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीयन के लिये दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। केवल निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। पंजीयन में संशोधन की स्थिति में आवश्यकता होने पर दस्तावेज प्रमाण स्वरूप पंजीयन केन्द्र पर लाने होंगे।
किसानों को मिल रही सौगात
मध्यप्रदेश में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड स्कीम केन्द्र सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य देश में कृषि अवसंरचना का विकास एवं विस्तार करना है। इस योजना के माध्यम से कृषक, कृषि अवसंरचना निर्माण के लिये बैंक से प्राप्त राशि रुपये 2 करोड़ तक के ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट का लाभ सात वर्षों के लिए से सकते है।
इस योजना के अंतर्गत वेयरहाउस, साइलोस, कस्टम हायरिंग सेंटर, कोल्ड स्टोरेज, सॉर्टिंग व ग्रेडिंग इकाई, प्राथमिक प्र-संस्करण इकाई, एयरोफोनिक फार्मिंग, हायड्रोफोनिक फार्मिंग, वर्टिकल कार्मिंग, मशरूम फार्मिंग, स्मार्ट प्रिसीजन फार्मिंग के लिये अवसंरचना निर्माण की जा सकती हैं।
7440 करोड़ रूपये का लक्ष्य दिया गया
योजनांतर्गत मध्यप्रदेश को वर्ष 2025-26 तक 7440 करोड़ रूपये का लक्ष्य दिया गया है। जिसके विरुद्ध 7,804 करोड़ रूपये के कुल 10.860 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो कि देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त कुल 10.047 प्रकरणों में 5978 करोड़ रूपये का डिसबर्समेंट किया जा चुका है जो अन्य राज्यों की अपेक्षा कहीं अधिक है।
500 करोड़ रूपये का लक्ष्य दिया गया था
केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश को 500 करोड़ रूपये का लक्ष्य दिया गया था जिसके विरुद्ध 1240 करोड़ रूपये के कुल 2152 प्रकरण स्वीकृत किये जा चुके हैं जो कि आवंटित लक्ष्य का 248 प्रतिशत है। साथ ही कुल 1745 प्रकरणों में 721 करोड़ रूपये का डिसबर्समेंट किया जा चुका है। केन्द्र सरकार की इस महत्वाकांशी योजना का देश में सर्वोत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश को वर्ष 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 में "अवार्ड" से सम्मानित भी किया गया है।
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