MP: सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट में डिप्टी CM के बेटे की जमीन: IT रेड, BJP विधायक और अधिकारियों के नाम भी सामने आए
MP News: मध्य प्रदेश में सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट को लेकर नया विवाद सामने आया है, जिसमें डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बेटे के नाम पर भूमि का मामला उजागर हुआ है। इस प्रोजेक्ट में कई बड़े भाजपा नेताओं और अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा, आयकर विभाग द्वारा इस समूह पर छापेमारी भी की गई थी, जिसने इस प्रोजेक्ट को लेकर नया मोड़ लिया है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के कई बड़े नेता और अफसर इस भूमि विवाद में शामिल हैं।

उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया पर दस्तावेज भी जारी किए हैं, जिनमें डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बेटे, भाजपा विधायक सुदेश राय, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं। पटवारी ने इसे भाजपा सरकार की भ्रष्टाचार की परतों को खोलने वाला कदम बताया और कहा कि "यह 'पर्ची' बहुत महंगी साबित हो रही है।"
आयकर विभाग की छापेमारी और भू-अधिकारियों के नाम
सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट से जुड़े एक भू-अभिलेख के दस्तावेजों में कई नाम सामने आए हैं। इस प्रोजेक्ट में काम कर रहे कुणाल बिल्डर्स के जॉइंट वेंचर के अंतर्गत इस भूमि पर कब्जे वाले व्यक्तियों में डिप्टी सीएम के बेटे हर्ष देवड़ा, विधायक सुदेश राय, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, और कई उच्च अधिकारियों के नाम शामिल हैं। यह उन दस्तावेजों में पाया गया है, जिनका खुलासा कांग्रेस नेताओं ने किया है।
सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट में भूमि कब्जे के मामले में आयकर विभाग ने 18 दिसंबर को त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक राजेश शर्मा समेत अन्य बिल्डरों के यहां छापेमारी की थी। राजेश शर्मा का नाम भी इस प्रोजेक्ट में जुड़ा हुआ है, और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह सब राज्य में भाजपा के भ्रष्टाचार का प्रमाण है।
डिप्टी सीएम देवड़ा का बयान
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सेंट्रल पार्क में अपने बेटे की जमीन के मामले में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से बंद कमरे में बैठक की और इस मुद्दे पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, देवड़ा ने कहा कि "जहां बात करनी है वहां करो"।
कांग्रेस का आरोप और भाजपा की स्थिति
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले में भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार का एक बड़ा उदाहरण है, जिसमें भाजपा के शीर्ष नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है और कहा कि इस प्रकार के घोटालों से भाजपा की छवि दागदार हो रही है।
कांग्रेस के आरोपों और दस्तावेजों के जारी होने के बाद, यह मामला राज्य की राजनीति में उबाल ला सकता है, और भाजपा सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने की आवश्यकता महसूस हो सकती है।












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