MP News: अलीराजपुर कलेक्टर से बोले सीएम मोहन यादव- ज्यादा मत बोलो, जितना बोलोगे, उतना फसोगे
MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोमवार रात को आयोजित समाधान ऑनलाइन समीक्षा बैठक में अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया। इस दौरान सीएम यादव ने अलीराजपुर कलेक्टर को जमकर फटकार लगाई।
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इसके अलावा उन्होंने विभिन्न मामलों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जमकर क्लास ली और 11 अधिकारियों को निलंबित कर दिया।

नि:शक्त जन मामलों में लापरवाही
आलीराजपुर के कलेक्टर डॉ अभय अरविंद बेडेकर से जब सीएम ने नि:शक्त जन मामलों के संबंध में जानकारी मांगी, तो कलेक्टर ने समझाने की कोशिश की। इस पर सीएम ने उन्हें टोकते हुए कहा, "ज्यादा मत बोलो। जितना बोलोगे, उतना फंसोगे।" यह बात स्पष्ट करती है कि मुख्यमंत्री अब किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
बालाघाट कलेक्टर को फटकार
बालाघाट के कलेक्टर की अनुपस्थिति पर सीएम ने फटकार लगाई। जब उन्होंने देखा कि आईजी और डीआईजी बीच में बैठे हैं, तो उन्होंने कहा, "बीच में कौन बैठा है? आईजी को हटाओ और आप बीच में बैठो। प्रशासनिक अधिकारी आप हो।" यह टिप्पणी स्पष्ट करती है कि सीएम ने कलेक्टरों से अपेक्षा की कि वे प्रशासन के मुखिया के रूप में सामने आएं और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
छात्रवृत्ति वितरण में देरी
सीएम ने अशोकनगर के कलेक्टर को भी फटकार लगाई, जब छात्रवृत्तियों के समय पर वितरण में देरी का मामला सामने आया। इस पर उन्होंने सीधे कलेक्टर को कहा कि उन्हें इस मामले में तत्परता दिखानी चाहिए थी।
बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत
रायसेन जिले में एक व्यक्ति ने बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत की थी, जिसके परिणामस्वरूप सीएम ने बिजली वितरण कंपनी के जनरल मैनेजर को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सीएम जन समस्याओं के प्रति कितने गंभीर हैं।
गुमशुदगी के मामले में त्वरित कार्रवाई
खंडवा जिले में एक लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज न होने की शिकायत पर सीएम ने उपनिरीक्षक को निलंबित करने का आदेश दिया। एसडीओपी और टीआई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि जांच एएसपी करेंगे। लड़की को बरामद कर परिजनों को सौंपने की कार्रवाई भी की गई।
पंचायत सचिव का निलंबन
झाबुआ में कपिलधारा कूप निर्माण योजना में भुगतान में देरी को लेकर पंचायत सचिव को निलंबित किया गया, जबकि सीईओ और लेखाधिकारी को कारण बताओ नोटिस दिया गया।












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