राजस्व प्राप्तियों की CM मोहन यादव ने की समीक्षा, कहा- लकड़ी उद्योगों को दिया जाना चाहिए बढ़ावा
MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य सरकार को विभिन्न स्रोतों से राजस्व प्राप्तियों को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अन्य राज्यों के प्रभावी तरीकों को अपनाने और राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप अधिक प्रभावी कार्ययोजना बनाने के लिए विशेषज्ञों से परामर्श करने का सुझाव दिया।
सीएम यादव ने राजस्व बढ़ाने के प्रयासों में पारदर्शिता और ईमानदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि से विकास और जन कल्याणकारी पहलों में तेजी आएगी। वर्ष 2024-25 के लिए राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा बैठक समता भवन में आयोजित की गई।

बैठक में सीएम मोहन यादव ने स्टाम्प एवं पंजीयन प्रक्रियाओं में सतर्कता बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने वास्तविक भूमि मूल्य और रजिस्ट्री दरों के बीच असमानता की ओर इशारा किया और जहां आवश्यक हो वहां समायोजन करने का आह्वान किया। सीएम ने आबकारी से संबंधित गतिविधियों में राजस्व हानि को रोकने के लिए औचक निरीक्षण बढ़ाने की भी सिफारिश की।
राजस्व और धार्मिक मामलों के विभागों की भूमि की पहचान की जानी चाहिए और उसे अतिक्रमण से बचाया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य की खनिज संपदा की निगरानी के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग करते हुए चेक पोस्टों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने खनन गतिविधियों को केवल निर्दिष्ट क्षेत्रों में ही सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन और सैटेलाइट सर्वेक्षण का उपयोग करने का सुझाव दिया। स्थानीय व्यापारियों को प्रोत्साहित करने और राज्य में खनिज आधारित उद्योगों को विकसित करने के लिए नीति विकसित करने पर भी चर्चा की गई।
साथ ही, कहा कि वन संपदा और लकड़ी पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। सीएम ने राज्य की सर्वोत्तम लकड़ी की नीलामी के लिए एक प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव रखा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां अधिक मांग है। बैठक में वैट, जीएसटी, स्टांप पंजीकरण, खनन, आबकारी, परिवहन, ऊर्जा, वन और सिंचाई क्षेत्रों से राजस्व प्राप्तियों के लक्ष्य, वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।












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