MP News: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में कौन सबसे आगे? जानिए कौन बन सकता है नया प्रदेश अध्यक्ष

MP News BJP: मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आगामी 2 जुलाई 2025 को दोपहर 2 बजे नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही अटकलों और चर्चाओं के बाद पार्टी ने नए नेतृत्व की घोषणा की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है।

सूत्रों के अनुसार, बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का नाम इस पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है, और उनका निर्वाचन निर्विरोध होने की प्रबल संभावना है।

MP BJP will get new state president on July 2 Hemant Khandelwal name is almost final

हेमंत खंडेलवाल: मजबूत दावेदार

हेमंत खंडेलवाल, जो बैतूल विधानसभा सीट से विधायक और कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, को उनकी स्वच्छ छवि, संगठन के प्रति निष्ठा, और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से नजदीकी के कारण इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। उनके पिता, स्व. विजय खंडेलवाल, बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और 1996 से 2004 तक बैतूल लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हेमंत खंडेलवाल ने 2008 में उपचुनाव जीतकर अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया था।

खंडेलवाल को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का करीबी माना जाता है, और उनकी वैश्य समुदाय से होने के कारण सामाजिक समीकरणों को साधने में भी उनकी नियुक्ति को रणनीतिक माना जा रहा है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश में आदिवासी मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ को भी पार्टी के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।

कैसे होगी चुनाव की प्रक्रिया?

पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक चुनावों के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मध्य प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। वे 1 जुलाई को भोपाल पहुंचकर नामांकन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। 2 जुलाई को भोपाल में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, हेमंत खंडेलवाल के नाम पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और RSS के बीच सहमति बन चुकी है, जिसके चलते उनका निर्वाचन निर्विरोध होने की संभावना है।

नामांकन प्रक्रिया 1 जुलाई को शुरू होगी, और 2 जुलाई को दोपहर 2 बजे बीजेपी कार्यालय में आयोजित कार्यसमिति की बैठक में नए अध्यक्ष का ऐलान होगा। इस प्रक्रिया में सभी विधायक, सांसद, 115 पार्टी प्रतिनिधि, पदाधिकारी, और 60 जिला अध्यक्ष हिस्सा लेंगे।

अन्य दावेदार

हालांकि हेमंत खंडेलवाल का नाम सबसे आगे है, लेकिन अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में रहे हैं। इनमें शामिल हैं:

  1. नरोत्तम मिश्रा: पूर्व गृह मंत्री और ब्राह्मण चेहरे के रूप में मजबूत दावेदार। हालांकि, 2023 के विधानसभा चुनाव में उनकी हार ने उनकी दावेदारी को कमजोर किया है।
  2. दुर्गादास उईके: बैतूल से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री, जो आदिवासी समुदाय से हैं। मध्य प्रदेश में 22% आदिवासी जनसंख्या को देखते हुए उनकी दावेदारी को भी महत्व दिया गया था।
  3. राजेंद्र शुक्ल: डिप्टी सीएम और विंध्य क्षेत्र से आने वाले ब्राह्मण नेता। उनकी संगठनात्मक अनुभव और क्षेत्रीय समीकरणों के कारण चर्चा थी।
  4. लाल सिंह आर्य: बीजेपी एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जो अनुसूचित जाति समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  5. अरविंद भदौरिया: पूर्व मंत्री और क्षत्रिय नेता, जिन्हें संगठन में सक्रियता के लिए जाना जाता है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, आदिवासी और आरक्षित वर्ग को प्राथमिकता देने की संभावना थी, लेकिन सामान्य वर्ग से हेमंत खंडेलवाल के नाम पर सहमति बनने से उनकी नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही है।

कांग्रेस का तंज

कांग्रेस ने इस नियुक्ति प्रक्रिया पर तंज कसते हुए कहा है कि बीजेपी में अध्यक्ष का चयन "पर्ची" से होता है। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता संगीता शर्मा ने कहा, "1 जुलाई को बीजेपी कार्यालय में पर्ची खुलने वाली है, और उसी से अध्यक्ष का नाम तय होगा।" कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव माली ने भी बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि संगठन और सत्ता दोनों संभालने में बीजेपी नाकाम रही है।

सियासी और सामाजिक महत्व

मध्य प्रदेश में बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। मध्य प्रदेश में 47 विधानसभा सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, और 22% आदिवासी जनसंख्या को देखते हुए पार्टी सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश कर रही है। हेमंत खंडेलवाल की स्वच्छ छवि और वैश्य समुदाय से होने के साथ-साथ आदिवासी क्षेत्रों में उनकी पकड़ को इस नियुक्ति का आधार माना जा रहा है।

बीजेपी की रणनीति

बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व इस बार जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। हेमंत खंडेलवाल की नियुक्ति से पार्टी मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ समन्वय बनाए रखने और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश करेगी। इसके अलावा, पार्टी 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली सफलता को दोहराने के लिए नए नेतृत्व को संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपेगी।

मध्य प्रदेश बीजेपी को 2 जुलाई 2025 को दोपहर 2 बजे नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है, और हेमंत खंडेलवाल का नाम इस दौड़ में सबसे आगे है। उनकी स्वच्छ छवि, संगठन के प्रति निष्ठा, और सामाजिक समीकरणों को साधने की क्षमता उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की देखरेख में होने वाली इस प्रक्रिया के बाद मध्य प्रदेश बीजेपी एक नए दौर में प्रवेश करेगी, जिसमें 2028 और 2029 के चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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