राज्यपाल बोले, PM मोदी के दिल से निकली जनऔषधि योजना, देश में 9 हजार से ज्यादा केंद्र संचालित
देश में जन औषधि योजना गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों के स्वास्थ्य और सस्ती दवाओं की सुलभता के लिए मील का पत्थर साबित हुई है। राजधानी एम्स में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री व चिकित्सा मंत्री ने योजना के

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जन-औषधियों के उपयोग को निरंतर व्यवहार में लाने में ही उसकी सार्थकता है। उन्होंने कहा कि जन-औषधियाँ सस्ती और अच्छी होती हैं। यह संदेश घर-घर पहुंचाने में ही जन-औषधि दिवस की सफलता है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जन-औषधि दिवस को जन-औषधि का उपयोग करने के संकल्प दिवस के रूप में मनाएं। स्वयं उपयोग करने की प्रतिबद्धता के साथ ही दूसरों को भी औषधि की गुणवत्ता के बारे में बताते हुए उपयोग के लिए प्रेरित करें। राज्यपाल बीते रोज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ऑडिटोरियम में जन-औषधि दिवस समारोह में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री के दिल से निकली आमजन के लिए योजनाएं
राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात मुख्यमंत्री रहते हुए वे 14 साल के कार्यकाल में उनके सहयोगी रहे हैं। मेरा अनुभव है कि आमजन के लिए उज्ज्वला योजना, स्वच्छता मिशन और जन-औषधि योजना जैसी अनेक योजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल से निकली हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने टीबी रोग को वर्ष 2025 तक निर्मूल करने का संकल्प लिया है। साथ ही वे फाइलेरिया, थैलेसीमिया जैसे रोगों को समाप्त करने का प्रयास भी कर रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के विज़नरी नेतृत्व में स्वस्थ भारत, सबल भारत के लिए सुरक्षित, व्यापक, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किए गए कार्यों की श्रृंखला में जन औषधि केंद्र की पहल विशिष्ट है। दवा का पर्चा हाथ में आने के बाद लोगों के मन में आशंका होती थी कि पता नहीं कितना पैसा दवा खरीदने में खर्च होगा। जन-औषधि से यह चिंता दूर हुई है। आज देश में चल रहे 9 हजार से ज्यादा जन-औषधि केंद्र सामान्य जन के लिए समाधान केंद्र बन रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी सबके लिए स्वास्थ्य के संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सबके लिए उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के अनेक कार्य किए हैं।
कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधाएं बढ़ी: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। निजी चिकित्सालयों में निःशुल्क इलाज के लिए अभूतपूर्व योजना आयुष्मान भारत लागू की गई है। उनके नेतृत्व में देश में कम खर्च पर गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जन-औषधि केन्द्रों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। उप-स्वास्थ्य केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। इस कार्य में मध्यप्रदेश को 107 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल करने पर सम्मानित भी किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर 97 प्रकार की दवाएं और 12 प्रकार की जांचों की सुविधा उपलब्ध है।
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स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में हुआ अभूतपूर्व परिवर्तन: विश्वास सारंग
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि वे स्वयं जन-औषधियां उपयोग करेंगे। उन्होंने सभी को जन-औषधि के उपयोग के लिए संकल्पित होने का अनुरोध किया। उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्यपाल पटेल के मार्गदर्शन के लिए आभार माना। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में अभूतपूर्व परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कोविड नियंत्रण के कार्य, वेक्सिनेशन और जन-औषधि योजना जैसे कार्य उनके विजनरी दृष्टिकोण का फल है। जन-औषधि से गरीब और माध्यम वर्ग के उपचार व्यय में कमी से अर्थ-व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों की उपलब्धता आदि में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।












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